प्रकृति
कितना कुछ हमकों हर रोज देती प्रकृति मगर हमसे कुछ ना कभी लेती प्रकृति। सुंदर लगे पेड़ पौधे इनको ना तुम कांटों रखो इसका ध्यान सदा टुकड़ों में ना
कितना कुछ हमकों हर रोज देती प्रकृति मगर हमसे कुछ ना कभी लेती प्रकृति। सुंदर लगे पेड़ पौधे इनको ना तुम कांटों रखो इसका ध्यान सदा टुकड़ों में ना
हर रोज इक सोच मेरे मन में आता हैं क्यूं जिसे भूलना चाहा दिल उसे भूल न पाता हैं । ऐसी अनोखी बात उस शख्स में होती हैं जिसकी यादों
पाना हो यदि आपको अपनी कोई मंज़िल तो सफ़र के रास्ते पर हो जाइए शामिल। अपनी अपनी कहानी बनाने में निकले सब जाने क्या फैसला करेंगे हमारे रब। घर
बेटों को माँ,बहन,बेटी,बीवी के रूप में कई माएँ मिल जाती हैं मगर बेटियों के नसीब में सिर्फ़ एक माँ होती है माँ की दुवाओं में ही उसका नाम होता
जागो जागो ! आलस छोड़ो हुआ सवेरा आँखें खोलो लोभ -मुक्ति योग करो नित अब दहेज निषेध करो मीत बेटी बहू एक है समझो दहेज लेना पाप है कह
बड़ी मुश्किल से तुझको पाया सनम देख तुझको ये दुनिया भुलाया सनम। अंधियारे से जीवन तो घिरा था मेरा तुमने ही तो उजाला है लाया सनम। नज़रों के
देखो सखी होरी आई रे कर बरजोरी खेलें बिरज में होरी करत ठिठोली जैसे राधिका संग कन्हाई रे मन में भर -भर उमंग जैसे जल में तरंग रँगी सांवरे
कितनी कहांनिया बनी सफर में चलते चलते कितनी मुश्किले दूर हुई सफर में चलते चलते। वक़्त भी बदला और बदला भी यह मौसम मगर हम ना बदले तेरी
जय करुणाकर,जय शिवशम्भू जय सोमनाथ,केदार शिव जय पशुपति नाथ हे महादेव जय सकल सुखों के सार शिव कैलाश पति हे उमाकान्त अविनाशी, अपरम्पार शिव शशि धर,गंगा धर
समय को कोई रोक कहाँ है पाता हाथों से पानी की तरह बह है जाता। समय रहते हमको करना है कुछ काम जिससे रौशन हो सके दुनिया में हमारा नाम।
समय को कोई रोक कहाँ है पाता हाथों से पानी की तरह बह है जाता। समय रहते हमको करना है कुछ काम जिससे रौशन हो सके दुनिया में हमारा नाम।