Wednesday 22nd of July 2026 06:34:35 AM

Breaking News
  • कांग्रेस का धरना ख़त्म ,हिरासत में राहुल गाँधी ,प्रियंका और अखिलेश |
  • दिल्ली प्रोटेस्ट में घायल बच्चों की मदद के लिए केजरीवाल का बड़ा ऐलान -मेडिकल और लीगल हेल्प का वादा |
  • मध्यप्रदेश विधानसभा में पारित किया समान नागरिक संहिता विधेयक |
Facebook Comments
By : Nishpaksh Pratinidhi | Published Date : 7 Mar 2023 6:48 PM |   864 views

सखी होरी आई रे

देखो सखी होरी आई रे
कर बरजोरी
खेलें बिरज में होरी
करत ठिठोली
जैसे  राधिका  संग  कन्हाई  रे
 
मन में भर -भर उमंग 
जैसे जल में तरंग
रँगी सांवरे के रंग
भींग रहा अंग अंग
प्रीत गीत बन के अधर पे छाई रे
 
बसन्ती बयार में
झूमें मन अनुरागी
रंग भरे अंग में 
उमंग  संग जागी
प्रेम  रंग  रँगी  बहे  पुरवाई  रे
 
झांझ बजे ढोल बजे
उमंग में मृदंग बजे
थिरक -थिरक थाप पे
पायलिया संग बजे
सखी ऋतु राज ने ली अंगड़ाई रे
 
भरि भरि पिचकारी 
की सतरंगी धार पे
मादक बसन्त हुआ
प्रीत की पुकार पे
होरी,धमार की सुन धुन छाई रे
 
एक न जतन चली
माने न मनबसिया
अबीर गुलाल डार
लाज रंग रँगी सिया
होरी  के  रंग  में रंगे  रघुराई  रे
 
देख देख चितवन 
चकोर भये सांवरे
भंग में उमंग डार
नैन  हुए  बावरे
सतरंगी देखो बदरिया घिर आई रे
 
चौक पुराओ सखी
मंगल गाओ
मीठे पकवानों से 
थालियां सजाओ
खुशी उल्लास संग आज घर आई रे
 
धरा आज लाल हुई
अम्बर गुलाल
बासन्ती पुरवाई
पनघट  रसाल
गोरी की चुनर मगन लहराई रे
 
-वन्दना गुप्ता
Facebook Comments