सितम्बर माह में धान की फसल में कीट/ रोग का रखें विशेष ध्यान
माह सितंबर के इस समय में धान की फसल बालियां निकलने या दाने भरने की अवस्था में होती है। इस दौरान उच्च नमी, उमस और तापमान के कारण प्रमुख कीटों
माह सितंबर के इस समय में धान की फसल बालियां निकलने या दाने भरने की अवस्था में होती है। इस दौरान उच्च नमी, उमस और तापमान के कारण प्रमुख कीटों
लाही (तोरिया) की खेती एक बेहद कम अवधि में तैयार होने वाली तिलहनी फसल है, जिसे खरीफ और रबी फसल के बीच कैच क्रॉप के रूप में उगाया जाता है।
देवरिया– त्वरित मक्का विकास कार्यक्रम योजना के अंतर्गत मंगलवार को देवरिया कृषक प्रशिक्षण केंद्र, बैतालपुर में जनपद स्तरीय कृषि गोष्ठी एवं किसान मेले का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन
जब कोई परिवार अपने बेटे या बेटी को कृषि विश्वविद्यालय में प्रवेश दिलाता है, तो वह केवल चार वर्ष की पढ़ाई के लिए फीस नहीं देता। वह अपने बच्चे का
मुख्य रूप से पानी भरे तालाबों या खेतों में की जाने वाली एक अत्यधिक लाभदायक जलीय खेती है मखाना!, जो बिहार में प्रमुखता से (80-85%) होती है। परन्तु पूर्वी उत्तर
देवरिया -कृषि ज्ञान केंद्र से किसान भाई कृषि संबंधित समस्याओं के निदान हेतु निशुल्क परामर्श ले सकते हैं |कृषि ज्ञान केंद्र देवरिया के बी .आर. डी .पी .जी कॉलेज के
कृषि विज्ञान केंद्र, देवरिया में आज से सरल प्रोजेक्ट के तहत मशरूम उत्पादन पर 5 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू हो गया है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण युवाओं को मशरूम
बरसात की शाम है। बाहर मिट्टी की खुशबू है, घर में चाय बन रही है और रसोई से मूँग के पकौड़ों या उड़द के बड़े की खुशबू आ रही है।
खेत में खड़ी फसल का गहरा हरा रंग किसान के लिए सामान्यतः अच्छे स्वास्थ्य और अच्छी उपज का संकेत माना जाता है। लेकिन केवल पत्तियों का हरा होना सफल उत्पादन
कृषि विज्ञान केंद्र, मल्हना, देवरिया में कृषि विभाग के तत्वावधान में एफपीओ के लिए व्यवसाय योजना तैयार करने विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जिले
कृषि विज्ञान केंद्र, मल्हना, देवरिया में कृषि विभाग के तत्वावधान में एफपीओ के लिए व्यवसाय योजना तैयार करने विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जिले