Friday 24th of July 2026 04:45:29 PM

Breaking News
  • कांग्रेस का धरना ख़त्म ,हिरासत में राहुल गाँधी ,प्रियंका और अखिलेश |
  • दिल्ली प्रोटेस्ट में घायल बच्चों की मदद के लिए केजरीवाल का बड़ा ऐलान -मेडिकल और लीगल हेल्प का वादा |
  • मध्यप्रदेश विधानसभा में पारित किया समान नागरिक संहिता विधेयक |
Facebook Comments
By : Nishpaksh Pratinidhi | Published Date : 14 May 2023 5:17 PM |   420 views

माँ

 
बेटों को माँ,बहन,बेटी,बीवी के रूप में 
कई माएँ मिल जाती हैं
मगर 
बेटियों के नसीब में सिर्फ़ एक माँ होती है
माँ की दुवाओं में ही उसका नाम होता है 
वरना 
मायके से परे तो वो बेनाम होती है
माँ है तो सब रिश्ते कितने तरल हैं
एक दूसरे में रचेबसे कितने सरल हैं
माँ जब गले लगाती है सौग़ात दे जाती है
अपना सारा प्यार दिल के पार कर जाती है 
कोई और कहाँ पूछता है 
कब खाया क्या खाया?
माँ सामने होते ही पूछती है- 
कुछ बना दूँ ,कुछ खाया
मगर उस माँ को भी 
एक माँ चाहिए होती है
बेटी बनना चाहती है  
बस कहती नहीं 
माँ बन कर वो भी तो थकती है 
                                                                 
                                                        रश्मि राज ,नई दिल्ली  
Facebook Comments