अहंकार मनुष्य के विनाश का कारण है
गोरखपुर।स्मृति शेष माता सरस्वती देवी, पिता बलदाऊ लाल श्रीवास्तव एवं अग्रज अशोक श्रीवास्तव की पावन स्मृति में नकहा ओवरब्रिज निकट काली स्थान स्थित सरस्वती रिसॉर्ट्स में आयोजित तीन दिवसीय श्री राम कथा के दूसरे दिन श्रद्धा एवं भक्ति का अद्भुत वातावरण देखने को मिला।कथा व्यास पवन जी महाराज ने शिव विवाह प्रसंग के अंतर्गत राजा दक्ष की कथा का अत्यंत मार्मिक एवं प्रेरणादायी वर्णन किया। उन्होंने बताया कि अहंकार मनुष्य के पतन का कारण बनता है तथा भगवान शिव का स्वरूप त्याग, करुणा और समरसता का प्रतीक है। कथा श्रवण के दौरान श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर दिखाई दिए।
कार्यक्रम के पूर्व विनोद श्रीवास्तव, पूनम श्रीवास्तव, अभिनव चित्रांश, इंदु श्रीवास्तव एवं सलोनी श्रीवास्तव द्वारा विधिवत आरती उतारी गई।
इस अवसर पर समाजसेवी सुधा मोदी, समाजसेवी सावित्री दास, डॉ. राकेश श्रीवास्तव, डॉ. शोभित श्रीवास्तव, कीर्तन त्रिपाठी, सुभाष दुबे, इंजी. सुनील श्रीवास्तव, श्याम सुंदर हँसलोना सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का सफल संचालन शिवेंद्र पांडे द्वारा किया गया।
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