अहंकार मनुष्य के विनाश का कारण है
गोरखपुर।स्मृति शेष माता सरस्वती देवी, पिता बलदाऊ लाल श्रीवास्तव एवं अग्रज अशोक श्रीवास्तव की पावन स्मृति में नकहा ओवरब्रिज निकट काली स्थान स्थित सरस्वती रिसॉर्ट्स में आयोजित तीन दिवसीय श्री
गोरखपुर।स्मृति शेष माता सरस्वती देवी, पिता बलदाऊ लाल श्रीवास्तव एवं अग्रज अशोक श्रीवास्तव की पावन स्मृति में नकहा ओवरब्रिज निकट काली स्थान स्थित सरस्वती रिसॉर्ट्स में आयोजित तीन दिवसीय श्री
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने और अल्पज्ञात धार्मिक स्थलों को नई पहचान दिलाने के तहत लोदीपुर धाम के विकास को नई गति मिली है। मुरादाबाद जिले
गोरखपुर- इंडियन रेलवे केटरिंग एण्ड टूरिज्म कार्पाेरेशन लि0 (आईआरसीटीसी) द्वारा सफदरजंग रेलवे स्टेशन से वाराणसी, कोलकाता, गंगासागर, पुरी, भुवनेश्वर, कोणार्क, चिल्का और बैद्यनाथ धाम (ज्योतिर्लिंग) हेतु भारत गौरव टूरिस्ट ट्रेन
लखनऊ:उत्तर प्रदेश के धार्मिक पर्यटन को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए पर्यटन विभाग ने प्रयागराज जनपद के फूलपुर क्षेत्र स्थित प्राचीन इंद्री
सनातन संस्कृति का एक अत्यंत पावन और शुभ पर्व है जो प्राकृति सूर्य उपासना और मानव जीवन के बीच संतुलन को प्रदर्शित करता है। यह त्यौहार भारत के भिन्न- भिन्न नामों
लखनऊ: संस्कृति विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार के अंतर्गत संस्कृति निदेशालय के अधीन कार्यरत स्वायत्तशासी संस्थाओं द्वारा माघ मेला-2026 के पावन अवसर पर 03 से 30 जनवरी, 2026 तक प्रयागराज में भव्य
लखनऊ :उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग राजधानी लखनऊ में धार्मिक पर्यटन को नई दिशा देने के उद्देश्य से धार्मिक स्थलों के समग्र विकास पर तेजी से कार्य कर रहा है। इसी
गोरखपुर: इंडियन रेलवे केटरिंग एण्ड टूरिज्म कार्पाेरेशन लि0 (आईआरसीटीसी) द्वारा गोरखपुर रेलवे स्टेशन से भारत गौरव टूरिस्ट ट्रेन द्वारा तिरुपति बालाजी मंदिर, रामनाथ स्वामी मंदिर (रामेश्वरम), मीनाक्षी मंदिर, कन्याकुमारी दर्शन,
कुशीनगर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज कुशीनगर स्थित म्यांमार बौद्ध विहार पहुंचकर बौद्ध धर्मगुरु अग्गमहापंडित भदंत ज्ञानेश्वर को श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने भदंत ज्ञानेश्वर के पार्थिव शरीर पर पुष्प
सारनाथ स्थित मूलगंध कुटी विहार की 94वीं वर्षगांठ के पावन अवसर पर को भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेषों को दर्शनार्थ रखा गया। देश-विदेश से पहुंचे हजारों बौद्ध श्रद्धालुओं ने तथागत
सारनाथ स्थित मूलगंध कुटी विहार की 94वीं वर्षगांठ के पावन अवसर पर को भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेषों को दर्शनार्थ रखा गया। देश-विदेश से पहुंचे हजारों बौद्ध श्रद्धालुओं ने तथागत