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Category: कविता

14 Dec

तेरा चेहरा

मेरे हौसलों को नई उम्मीद देता है तेरा चेहरा रूठे हुए मन को अक्सर मना लेता है तेरा चेहरा। घोर निराशा को आशा में बदल देता है तेरा चेहरा हर

6 Dec

कविता और कवि

सब के बस की बात  नहीं, कवि बनना कविता करना जब थाती आपके पास नही, कैसे कर सकते हैं रचना ? शब्दों की थाती होती है, भाव सुमन भी होते

23 Nov

हौसला न हो कम

सुन -सुन ले रे मन खामोश हो जाए धड़कन  चाहे निकले दम  हौसला न हो कम।   किसी कीमत पर हम भी  लहराएंगे परचम  सहेंगे कुछ भी यातना  आंखें बगैर

8 Nov

ठीक होता है

कोई समझे न तेरी बातों को  तो चुप रह जाना ही ठीक होता है | बयाँ जब बात न हो पाए तो  खामोशी का सबब ही ठीक होता है |

22 Oct

माटी का दीया

कुम्हार की मेहनत को घर पर लाए विदेशी झालरों को हम दूर भगाए इस दीपावली सिर्फ माटी का दीया जलाए। अमीर गरीब सभी के घर, महलो को रौशन करता है

19 Oct

तुम्हारा वादा

मुस्कान चेहरे पे तुम्हें सोचू तो आ  ही जाती है याद तुम्हारी यू आजकल हमें   तड़पाती है। इंतज़ार तुम्हारा करती थी मैं बहोत बेसब्री से फिर मिल ही जाते,

21 Sep

आंखों का तारा

तुम्हें जब दिल में उतारा बन गए हो तुम तब से इन आंखों का तारा। नही लगता है मुझे तुमसा कोई प्यारा तुम सदा ही साथ   देना हमारा। जब

16 Sep

ठोकरें

हर एक ठोकर हमे सिखाती है सफलता का मुकाम  हर एक ठोकर हमे सिखाती है जिन्दगी का पैगाम  हर एक ठोकर हमे सीख देती है |   ठोकरें हमे रुलाती

13 Sep

किताब

ना किया करो आप खुराफात की बात थोड़ा वक़्त निकाल  कर पढ़ो किताब। स्मार्टफ़ोन के जमाने में लोग मोबाइल में खो रहे किताबों से  एकदम दूर हो रहे। किताबो से

8 Sep

जब से तुम्हे पाया

जब से तुम्हे पाया दिल को करार आया साथ चलते हो तुम बनके मेरा साया। तुम्हारा प्यार मेरे रग रग में है समाया खड़े रहके खुद धूप में मुझे देते

8 Sep

जब से तुम्हे पाया

जब से तुम्हे पाया दिल को करार आया साथ चलते हो तुम बनके मेरा साया। तुम्हारा प्यार मेरे रग रग में है समाया खड़े रहके खुद धूप में मुझे देते