बिहार पालि और बौद्ध अध्ययन की स्वाभाविक भूमि है
पालि भाषा के उत्कृष्टता केंद्र के संस्थागत चयन पर पुनर्विचार कर इसकी स्थापना एवं संचालन का दायित्व नव नालंदा महाविहार, नालंदा को सौंपने की मांग उठी है। वैकल्पिक रूप से
पालि भाषा के उत्कृष्टता केंद्र के संस्थागत चयन पर पुनर्विचार कर इसकी स्थापना एवं संचालन का दायित्व नव नालंदा महाविहार, नालंदा को सौंपने की मांग उठी है। वैकल्पिक रूप से
गोरखपुर- लोक कला एवं संस्कृति तथा भोजपुरी भाषा के संरक्षण और संवर्धन के लिए निरंतर कार्य कर रहे लोक कला साधक एवं लोक गायक डॉ. राकेश श्रीवास्तव को बुधवार को
नव नालंदा महाविहार (सम विश्वविद्यालय), संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार में हिंदी पखवाड़ा–2026 का समापन समारोह बुधवार को आचार्य नागार्जुन भवन स्थित सप्तपर्णी सभागार में आयोजित किया गया। समारोह की अध्यक्षता
हिंदी आलोचना के महत्त्वपूर्ण हस्ताक्षर प्रो. परमानंद श्रीवास्तव की आलोचना में साहित्यिक विवेक के साथ अपने समय और समाज को देखने की गहरी दृष्टि थी। उनकी आलोचना रचना के मूल्यांकन
नालंदा। नव नालंदा महाविहार, सम विश्वविद्यालय में हिंदी पखवाड़ा-2026 के अंतर्गत हिंदी दिवस का उद्घाटन समारोह आयोजित किया गया। मुख्य अतिथि साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित प्रख्यात कवि प्रो. अरुण
मित्रता ईश्वर का दिया एक अनमोल उपहार (वरदान) है । यह हमारे जीवन का वो अनमोल उपहार है, जो मनुष्य के सुख-दुःख को समान और सहज रूप से बांटने की
हिंदी आलोचना के अप्रतिम व्यक्तित्व, साहित्य-चिंतक और वैचारिक मेधा के प्रतिनिधि नामवर सिंह की जन्म-शताब्दी के अवसर पर नव नालंदा महाविहार, नालंदा में आयोजित उत्सव-संगोष्ठी में उनकी आलोचनात्मक
भारतीय भाषा, साहित्य और संस्कृति के प्रतिष्ठित संस्थान नव नालंदा महाविहार ( सम विश्वविद्यालय) , नालंदा में वरिष्ठ साहित्यकार एवं शिक्षाविद प्रो.रवींद्र नाथ श्रीवास्तव ( परिचय दास ) को पालि
लखनऊ । बाबा साहब भीमराव अंबेडकर केंद्रीय विश्वविद्यालय, लखनऊ में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी “जैन धर्म एवं साहित्य : समकालीन संदर्भ ” के समापन सत्र में विशिष्ट अतिथि के
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर जमशेदपुर शहर की निवासी डॉ0 संजुला सिंह “संजू” जी को नेपाल की सुप्रसिद्ध संस्था “शब्द प्रतिभा बहुक्षेत्रीय फाउंडेशन” नेपाल द्वारा “अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा रत्न” मानद
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर जमशेदपुर शहर की निवासी डॉ0 संजुला सिंह “संजू” जी को नेपाल की सुप्रसिद्ध संस्था “शब्द प्रतिभा बहुक्षेत्रीय फाउंडेशन” नेपाल द्वारा “अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा रत्न” मानद