तलाश
सब तलाश में है कोई सुकून में है कोई सुकून से है पर! सब तलाश में हैं! मासूमों के हिस्से कम ही थी वैसे भी सांसें! अब उखाड़ी जा
सब तलाश में है कोई सुकून में है कोई सुकून से है पर! सब तलाश में हैं! मासूमों के हिस्से कम ही थी वैसे भी सांसें! अब उखाड़ी जा
पुतवो करी अब राजनीतिया हो रामा पोसे लागल गुण्डा सभका के देई पटकनिया हो रामा पोसे लागल गुण्डा कही सभ हमके नेता जी के बाप हो, फुफकारब हम जइसे गेहुवन
हर साल कोरोना अइले, बड़ परेशानी बलमू अपने गांव में चलिके फिर से, कर किसानी बलमू अब कबहूं नाहीं जइबइ , पूना ,बांबे और दिल्ली भागि – भागि आवइ के
ऐ खुदा तू देना सहारा चल दिया मन अकेला बेचारा राह देखता रहा सबका आया ना कोई इसका अपना। नया नया है यह सफर काश मिल जाए कोई हमदर्द
दुनियां में नाम आज होता कि,संविधान ऐसा बना है देश का विकास हो यह पहली है वरीयता, जाति – धर्म से भी ऊपर राष्ट्र की वरिष्ठता मानव – मानव में
ये सगा है, वो पराया वो काला है, ये है गोरा यह अधम है, वह है उत्तम वह ऊंचा है, यह है निम्नतम यूं जन – जन ना भेद करें
होली आई, होली आई खुश हैं आसू -अंशू भाई रंग-गुलाल, पिचकारी के संग
मेरे गांव में मोहन आ जाओ होली में अबीर – गुलाल साथ पिचकारी, खड़े हैं रंग लिए नर – नारी। गोपी , ग्वाल- गोपाल सभी आओ होली में, मेरे गांव
मेहनत से किसान उपजइहैं , खेत में सोना- चानी । चारिउ ओर खुशहाली छाए गांव बने रजधानी। कलियन के मकरंद पहरुआ अमराई के शानी । ओढ़ि केसरिया धानी चूनर चमकइं
नारी तू कभी भी अबला नहीं है कौन कहता है तू सबला नहीं है। याद करो अपने इतिहास को, जगा दो सोए हुए विश्वास को, सोचो तुझमें कौन
नारी तू कभी भी अबला नहीं है कौन कहता है तू सबला नहीं है। याद करो अपने इतिहास को, जगा दो सोए हुए विश्वास को, सोचो तुझमें कौन