साक्षात्कार
फोटो – राकेश मौर्य संपादक , निष्पक्ष प्रतिनिधि और भोजपुरी भाषाविद डॉ लारी आजाद निष्पक्ष प्रतिनिधि के संपादक राकेश मौर्य द्वारा चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय मेरठ के इतिहास विभाग के
फोटो – राकेश मौर्य संपादक , निष्पक्ष प्रतिनिधि और भोजपुरी भाषाविद डॉ लारी आजाद निष्पक्ष प्रतिनिधि के संपादक राकेश मौर्य द्वारा चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय मेरठ के इतिहास विभाग के
देवरिया – कल श्री हनुमान विद्या मंदिर इंटर कालेज वराव देवरिया में भोजपुरी साहित्य संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी का विषय था” भोजपुरी भाषा और संस्कृति के विकास में
देवरिया- जिलाधिकारी अखण्ड प्रताप सिंह ने बताया है कि उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान द्वारा युवा रचनाकारों (18 से 30 वर्ष) को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से कहानी/कविता/निबन्ध प्रतियोगिता हेतु प्रविष्टियाँ
कुशीनगर- जिलाधिकारी रमेश रंजन ने बताया कि उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान द्वारा संचालित बाल साहित्य संवर्द्धन योजना के नति वर्ष 2022 के लिए दिये जाने वाले दस बाल साहित्य सम्मानों
देवरिया -आज भोजपुरी पुनर्जागरण मंच देवरिया के तत्वाधान में विचार संगोष्ठी का आयोजन स्काई लाइन पब्लिक स्कूल उमा नगर देवरिया में किया गया। संगोष्ठी का विषय था – “भोजपुरी क्षेत्र
कुशीनगर-जिलाधिकारी रमेश रंजन ने बताया कि उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान द्वारा आर्थिक रूप से विपन्न साहित्यकारों को साहित्यकार कल्याण कोष योजना अंतर्गत आर्थिक सहायता तथा प्रकाशन अनुदान योजना के
लखनऊ-प्रशासनिक भवन के चतुर्थ तल स्थित कुलसचिव कांफ्रेंस हाल में एक व्याख्यान का आयोजन समाजशास्त्र/सामाजिक विज्ञान विभाग के समन्वयक डॉ0 विजय कुमार वर्मा द्वारा किया गया। राजस्थान विश्वविद्यालय, जयपुर के
नालंदा -नव नालन्दा महाविहार , नालन्दा में दीक्षान्त समारोह 10 मार्च, 2023 को परिसर में आयोजित किया जाएगा। नव नालन्दा महाविहार के कुलाधिपति तथा भारत के संस्कृति, पर्यटन एवं
संत रैदास जी की कविता का आलोक उनकी ईमानदारी, विनम्रता और सदाशयता में सर्वथा दिखाई देता है । केवल भक्ति या दीनता उनका पक्ष नहीं। वह तो है ही ।
नालंदा -हिन्दी विभाग, नव नालन्दा महाविहार द्वारा हिन्दी कवि सूर्यकांत त्रिपाठी निराला की जयंती ( वसंत पंचमी ) के अवसर पर वसंत पर आधारित कविताओं के पाठ का आयोजन किया
नालंदा -हिन्दी विभाग, नव नालन्दा महाविहार द्वारा हिन्दी कवि सूर्यकांत त्रिपाठी निराला की जयंती ( वसंत पंचमी ) के अवसर पर वसंत पर आधारित कविताओं के पाठ का आयोजन किया