Wednesday 5th of August 2026 10:22:36 PM

Breaking News
  • उत्तर प्रदेश रोडवेज की बसों में 60 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं को मिलेगी निःशुल्क यात्रा सुविधा |
  • उत्तर प्रदेश के 13 आईएस का स्थानान्तरण|
  • असम में बाढ़ राहत तेज |
  • गाजियाबाद में 12 अगस्त तक स्कूल बंद |
Facebook Comments
By : Nishpaksh Pratinidhi | Published Date : 26 Jul 2024 5:25 PM |   453 views

मनीष सिसोदिया और के कविता को बड़ा झटका, 31 जुलाई तक बढ़ी न्यायिक हिरासत

आप नेता मनीष सिसोदिया और बीआरएस नेता के कविता को राहत मिलती दिखाई नहीं दे रही है। राउज एवेन्यू कोर्ट ने शुक्रवार को दिल्ली एक्साइज पॉलिसी सीबीआई मामले में मनीष सिसौदिया और के कविता की न्यायिक हिरासत 31 जुलाई तक बढ़ा दी। इससे पहले गुरुवार को ईडी धनशोधन के मामले में आम आदमी पार्टी के नेता और दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, भारत राष्ट्र समिति की नेता के. कविता और अन्य आरोपियों की न्यायिक हिरासत भी 31 जुलाई तक बढ़ा दी थी। आरोपियों को वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए अदालत में पेश किया गया था। 

उच्चतम न्यायालय दिल्ली आबकारी नीति में कथित घोटाले से जुड़े भ्रष्टाचार और धन शोधन के मामलों में, आम आदमी पार्टी (आप) के नेता मनीष सिसोदिया की जमानत देने का अनुरोध करने वाली याचिकाओं पर सुनवाई करने के लिए मंगलवार को सहमत हो गया था।

न्यायमूर्ति बी आर गवई की अध्यक्षता वाली पीठ ने सिसोदिया की याचिकाओं पर केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) तथा प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से जवाब मांगा तथा मामले पर अगली सुनवाई के लिए 29 जुलाई की तारीख तय कर दी। पीठ में न्यायमूर्ति संजय करोल और न्यायमूर्ति के वी विश्वनाथन भी शामिल हैं। 

पीठ जमानत देने का अनुरोध करने वाली सिसोदिया की याचिकाओं के साथ ही आबकारी नीति से जुड़े भ्रष्टाचार और धन शोधन मामलों में उनकी याचिकाओं पर पुनर्विचार करने के अनुरोध पर भी सुनवाई कर रही है। सीबीआई ने शराब नीति मामले में सिसोदिया की कथित भूमिका के लिए 26 फरवरी 2023 को उन्हें गिरफ्तार किया था। ईडी ने सीबीआई की प्राथमिकी से निकले धन शोधन के मामले में नौ मार्च 2023 को उन्हें गिरफ्तार किया था।
 
सिसोदिया ने पिछले साल 28 फरवरी को दिल्ली मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया था। यह मामला 2021-22 के लिए दिल्ली सरकार की आबकारी नीति तैयार करने और उसके क्रियान्वयन में कथित भ्रष्टाचार और धन शोधन से संबद्ध है। इस नीति को अब निरस्त किया जा चुका है।
Facebook Comments