Wednesday 20th of October 2021 03:02:23 PM

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Category: स्तंभ

14 Aug

पैना के रणबांकुरों ने नही स्वीकारी पराधीनता

31 जुलाई 1857 को अंग्रेजों के छक्के छुडाते हुए गाँव के लगभग 300 बागी और 91 महिलाओं ने अमर किया पैना गाँव का नाम | देवरिया जनपद के दक्षिणाचल में

11 Jul

जनसंख्या नियंत्रण पर सबकी भागीदारी आवश्यक

हर वर्ष 11जुलाई को  जनसंख्या दिवस के रूप में मनाया जाता है, क्योंकि जनसंख्या का प्रभाव प्रमुख रूप से देश के विकास और उसके कार्य संचालन पर पड़ता है ।

30 May

पत्रकार भी है अग्रिम पंक्ति का योद्धा

पत्रकारिता दिवस पर प्रतिवर्ष पत्रकारों एवं पत्रकारिता की चर्चा होती है |सरकारे भी आतीं है और चली जाती हैं , पत्रकार की दशा और दिशा पर विचार विमर्श नहीं करती

4 Apr

कृषि सुरक्षा उपायों के साथ हम अगली पीढ़ी को क्या देकर जा रहे हैं?

अक्सर हम अपने बचपन को याद करते हैं, ये सोचते हुए के हम कितने स्वस्थ रहते थे हर चोट, फोड़े, फुंसी के बाद भी कैसे- कैसे खेल खेलते थे? मोबाइल

29 Mar

स्नेहिल, सुगंधित होली

होली हमारे समय को आल्हाद से भर देती है। अर्थात् यह नए  वातावरण का सृजन करती है- स्नेहिल, सुगंध व पुनर्नूतनता भरे । होली कहती है कि अभी और पुनर्नवीकरण

1 Feb

पूंजीवाद का उदय

जड़ वस्तु के पाने की सीमाहीन इक्षा ही पूंजीवाद को जन्म दिया है।जमीन जायदाद, रुपया पैसा ,धातु वाली, अधातु वाली, क्रय विक्रय की सामग्रियां, ये सब जड़ जागतीक धन-संपत्तियों के

2 Jan

नव वर्ष : जिजीविषा एवं लालित्य का समास

नववर्ष केवल नये समय का पर्व नहीं। वह जिजीविषा, सामूहिकता, वैभव, समृद्धि की कामना, संकल्प, नूतनता के उन्मेष का भी प्रकटीकरण है। विषाद की छाया के विरुद्ध नवता का उद्

3 Dec

समन्वित खेती

   युग द्रष्टा, युग स्रष्टा  प्रभात रंजन सरकार जी का कथन है: “Because food is the most essential commodity, agriculture is the most important part of the economy and should

7 Oct

न्याय, अस्तित्व और अस्मिता के लिए लड़ती नारी

‘हाथरस की निर्भया ने दम तोड़ दिया’. इस खबर ने मुझे न तो चौंकाया और न ही शांत रहने दिया क्योंकि हर रोज़ न जाने कितनी निर्भया इस पुरुष प्रधान