रोपाई से पहले धान की नर्सरी का रखें ध्यान -प्रो. रवि प्रकाश
बलिया / सोहाव – खरीफ फसलों में धान की प्रमुख रूप से खेती की जाती है ।किसान भाइयों को धान की फसल से बहुत उमीद रहती है। इस लिए
बलिया / सोहाव – खरीफ फसलों में धान की प्रमुख रूप से खेती की जाती है ।किसान भाइयों को धान की फसल से बहुत उमीद रहती है। इस लिए
धान की रोपाई मे काफी लागत एवं श्रमिको की कमी के कारण किसानों को कठिनाईयों का सामना करना पड़ता हैं तथा लाभ कम ले पाते हैं ।लागत कम करने हेतु
बलिया /सोहाव – तिल का उपयोग रेवडी , लडड् बनाने के साथ-साथ अन्य विभिन्न रूप मे बिशेष रूप से किया जाता है। इसके तेल का उपयोग पूजा पाठ, शरीर
देवरिया – अधिक आय के लिए जिमीकंद, सूरन या ओल की खेती नकदी फसल के रूप में महाराष्ट्र, बिहार, गुजरात, पश्चिम बंगाल एवं उत्तर प्रदेश में बहुतायत से की जाती
देवरिया ( कृषि विज्ञान केंद्र )– अदरक एक महत्वपूर्ण मसाले वाली नकदी फसल है जिसे पूर्वी उत्तर प्रदेश में कुछ जिलों में घरेलू उपयोग हेतु तथा व्यापारिक स्तर पर
पपीता सबसे कम समय में फल देने वाला पेड़ है इसलिए कोई भी इसे लगाना पसंद करता है| पपीता न केवल सरलता से उगाया जाने वाला फल है, बल्कि जल्दी
बलिया / सोहाव- लीची एक रसदार फल है जो गर्मी के मौसम मे खाकर आन्नद लिया जाता है। मुजफ्फरपुर बिहार लीची के लिए देश मे प्रसिद्ध है। पूर्वी उतर
ग्वारफली- सीधी बुवाई द्वारा करेला-सीधी बुवाई द्वारा टमाटर -नर्सरी द्वारा ककोड़ा – सीधी बुवाई द्वारा तुरई-सीधी बुवाई द्वारा अगेती फूल गोभी- नर्सरी द्वारा अगेती पत्तागोभी- नर्सरी द्वारा लौकी-सीधी
बलिया /सोहावं – करोना वायरस के कारण 25 मार्च से लाकडाउन चल रहा है। लोग घरों में कैद है ,बहुत आवश्यकता पड़ने पर ही लोग घर से बाहर निकल रहे
बलिया/ सोहाव – टिड्डी दल राजस्थान से मध्य प्रदेश होते हुए उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र में प्रवेश हो चुका है। फिल हाल झांसी में इनके आक्रमण की सूचना प्राप्त
बलिया/ सोहाव – टिड्डी दल राजस्थान से मध्य प्रदेश होते हुए उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र में प्रवेश हो चुका है। फिल हाल झांसी में इनके आक्रमण की सूचना प्राप्त