1 से 4 सितम्बर तक होगा फल ए्वं सब्जी प्रसंस्करण प्रशिक्षण
बलिया/ सोहाव- फल एवं सब्जी प्रसंस्करण में रुची रखने वाले जनपद बलिया के बेरोजगार नवयुवकों / नवयुवतियों ,कृषकों/कृषक महिलाओं /प्रवासी मजदूरों हेतु कृषि विज्ञान केन्द्र परिसर सोहाँव मे चार
बलिया/ सोहाव- फल एवं सब्जी प्रसंस्करण में रुची रखने वाले जनपद बलिया के बेरोजगार नवयुवकों / नवयुवतियों ,कृषकों/कृषक महिलाओं /प्रवासी मजदूरों हेतु कृषि विज्ञान केन्द्र परिसर सोहाँव मे चार
बलिया /सोहाव – इस समय भिंडी की फसल पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है । बरसात तथा मौसम बदलने के कारण विभिन्न कीट एवं बीमारियों का प्रकोप हो सकता
बलिया / सोहाव – मशरूम को कुकुरमुत्ता, भूमिकवक, खुम्भ, खुम्भी आदि कई नामों से जाना जाता है।, प्रायः बरसात के दिनों में छतरीनुमा संरचनायें सडे़ -गले कूडे़ के ढेरों पर
बलिया / सोहाव – सहजन अपने विविध गुणों, तथा असानी से उग आने के लिए जाना जाता है। सहजन का पत्ता, फल और फूल सभी पोषक तत्वों से भरपूर हैं
बलिया – आम की खेती का लाभ मुख्य रूप से समय पर बाग में किये जाने वाले विभिन्न कृषि कार्यो पर निर्भर करता है। समय से कृषि कार्य या गतिविधियाँ
देवरिया – किसानो की आय दोगुनी करने की दिशा में किसानो को जानकारी देते हुए उद्यान विशेषज्ञ एवं प्रभारी कृषि विज्ञान केंद्र, मल्हना, देवरिया रजनीश श्रीवास्तव ने बताया की औद्यानिक
बलिया / सोहाव – खरीफ फसलों में धान की प्रमुख रूप से खेती की जाती है ।किसान भाइयों को धान की फसल से बहुत उमीद रहती है। इस लिए धान
बलिया / सोहाव – लघु या छोटे धान्य फसलों जैसे -मंडुआ, सावाँ,कोदों, चीना,काकुन आदि को मोटा अनाज कहा जाता है। इन सभी फसलों के दानों का आकार बहुत छोटा होता
बलिया/सोहाव – टिड्डी दल जनपद गाजीपुर से होते हुए बलिया जनपद मे प्रवेश कर चुका है। फिलहाल उजियार घाट के आस पास चार किमी लक्ष्मणपुर ,नरही चितबढा के आस पास
बलिया/ सोहाव – पौधे से बाली निकलने के समय धान पर कंडुआ रोग का असर बढने लगता है। इस रोग के कारण धान के उत्पादन पर असर पड़ने
बलिया/ सोहाव – पौधे से बाली निकलने के समय धान पर कंडुआ रोग का असर बढने लगता है। इस रोग के कारण धान के उत्पादन पर असर पड़ने