एग्री क्लीनिक ए्वं एग्री बिजनेस पर प्रशिक्षण हेतु आवश्यक सूचना
जनपद बलिया के कृषि स्नातक / स्नातकोत्तर बेरोजगार नवयुवकों / नवयुवतियों हेतु कृषि विज्ञान केन्द्र परिसर सोहाँव बलिया मे 10 दिवसीय व्यावसायिक प्रशिक्षण दिनांक 21 से 30 सितम्बर 2020 तक
जनपद बलिया के कृषि स्नातक / स्नातकोत्तर बेरोजगार नवयुवकों / नवयुवतियों हेतु कृषि विज्ञान केन्द्र परिसर सोहाँव बलिया मे 10 दिवसीय व्यावसायिक प्रशिक्षण दिनांक 21 से 30 सितम्बर 2020 तक
बलिया – आचार्य नरेन्द्र देव कृषि एवं प्रौधोगिक विश्व विधालय कुमारगंज अयोध्या द्वारा संचालित कृषि विज्ञान केन्द्र सोहाँव बलिया के अध्यक्ष प्रो. रवि प्रकाश मौर्य ने यह सलाह देते
बलिया / सोहाव -आचार्य नरेन्द्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविधालय कुमारगंज अयोध्या द्वारा संचालित कृषि विज्ञान केन्द्र सोहाँव बलिया के तत्वावधान मे 7-8 सितंबर को दो दिवसीय प्रशिक्षण “पोषण वाटिका
भाटपाररानी / देवरिया – कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा प्रधानमंत्री रोजगार कल्याण अभियान के तहत दसवां प्रशिक्षण कार्यक्रम दिनांक 8 से 10 सितंबर तक एकीकृत कृषि प्रणाली विषय पर आयोजित किया
देवरिया /भाटपाररानी – आत्म निर्भरता के लिए प्रधानमंत्री रोजगार कल्याण अभियान के अंतर्गत कृषि विज्ञान केंद्र देवरिया द्वारा प्रवासी कामगारों को दिए जा रहे प्रशिक्षण के तहत दिनांक 2 सितंबर
बलिया – देश की जलवायु ऐसी है कि पूरे वर्ष भर किसी न किसी क्षेत्र मे बड़े पैमाने पर फल एवं सब्जियां उगायी जाती है। परन्तु यह जल्दी खराब होने
पत्ते वाली सब्जियां- पालक-बुवाई द्वारा सरसो-बुवाई द्वारा मेथी-बुवाई द्वारा धनिया-बुवाई द्वारा बथुआ-बुवाई द्वारा सोया साग-बुवाई द्वारा सलाद पत्ता- नर्सरी द्वारा चिकोरी-बुवाई/ रोपाई द्वारा पार्सले-बुवाई/रोपाई द्वारा गोभी कुल की
पौधों में कीट के कुतरने का अलावा भी अन्य कारण है जिस तरफ किसानों का ध्यान नही जाता। अक्सर ये देखा जाता है कि किसान कीट-बीमारियों के लिये अंधाधुंध कीटनाशियों
बलिया/ सोहाव- फल एवं सब्जी प्रसंस्करण में रुची रखने वाले जनपद बलिया के बेरोजगार नवयुवकों / नवयुवतियों ,कृषकों/कृषक महिलाओं /प्रवासी मजदूरों हेतु कृषि विज्ञान केन्द्र परिसर सोहाँव मे चार
बलिया /सोहाव – इस समय भिंडी की फसल पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है । बरसात तथा मौसम बदलने के कारण विभिन्न कीट एवं बीमारियों का प्रकोप हो सकता
बलिया /सोहाव – इस समय भिंडी की फसल पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है । बरसात तथा मौसम बदलने के कारण विभिन्न कीट एवं बीमारियों का प्रकोप हो सकता