भिंडी की फसल को कीट एवं रोगों से बचाएं किसान
बलिया – इस समय भिंडी की फसल पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है ।गर्मी के कारण तथा मौसम बदलने के कारण विभिन्न कीट एवं बीमारियों का प्रकोप हो सकता
बलिया – इस समय भिंडी की फसल पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है ।गर्मी के कारण तथा मौसम बदलने के कारण विभिन्न कीट एवं बीमारियों का प्रकोप हो सकता
कृषि के लिए जल एक महत्वपूर्ण निवेश है |पौधों के लिए जल उतना ही आवश्यक है जितना हमारे लिए |यदि फसलों को सही मात्रा में और सही समय पर पानी
रबी फसलों की कटाई समाप्त होने वाली है। कटाई मड़ाई के बाद अनाज घर मे भण्डारण हेतु भी जा रहा है। सबसे जरूरी काम अनाज भंडारण का होता है। अनाज के
खेतों में गेहूं की फसल पक कर खड़ी है ,कही -कही कटाई भी प्रारम्भ है ,आगजनी न हो , इस समय विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है ।पैदल, मोटर साईकिल,
प्राचीन काल से अदरक का उपयोग मसाले के रूप में साग-भाजी, सलाद, चटनी तथा अचार और विभिन्न प्रकार की भोजन सामग्रियों के निर्माण एवं नाना प्रकार की औषधियों के निर्माण
चेरी टमाटर ग्रीन हाउस या शेड नेट के अलावा खुले मैदानों में भी उगाया जा सकता है हालाकि बेहद ज्यादा गर्मी बर्दाश्त नही कर सकता |ग्रीन हाउस से प्राप्त टमाटर
भिण्डी की खेती गर्मी एवं खरीफ दोनों मौसम में की जाती है, लेकिन सिंचाई सुविधा होने पर गर्मी में खेती करना ज्यादा लाभकारी होगा । भिण्डी के हरे ,मुलायम फलों
बलिया – आम के पेड़ो में बौर आना प्रारंभ हो गया है |इसलिए बागवानों से अच्छा उत्पादन लेने के लिए अभी से इसकी देखभाल करना जरूरी है |क्योंकि थोडा सा
बलिया /सोहाव – जिन दलहनी फसलो अरहर ,चना ,मटर, एवं मसूर में फूल आ गया है उन फसलो को बेमौसम वर्षा होने से ज्यादा नुकसान हो सकता है |आचार्य नरेन्द्रदेव
जीवामृत जैविक खेती के किसानो के लिए सबसे सस्ती ,कारगर वैकल्पिक खाद और फसल संरक्षण का उपाय है जो तरल रूप में बनाई एवं उपयोग की जाती है |जीवामृत में
जीवामृत जैविक खेती के किसानो के लिए सबसे सस्ती ,कारगर वैकल्पिक खाद और फसल संरक्षण का उपाय है जो तरल रूप में बनाई एवं उपयोग की जाती है |जीवामृत में