देखें, सीखें और करें—नई उद्यान फसलों की खेती
देवरिया – मखाना विकास योजना के तहत किसानों को नवीन एवं अधिक आयपरक जलीय फसलों की आधुनिक खेती से जोड़ने के उद्देश्य से तकनीकी प्रशिक्षण के बाद फील्ड भ्रमण कराया गया। इसी क्रम में मंगलवार को कुशीनगर जनपद के खड्डा विकासखंड अंतर्गत ग्राम रामपुर जंगल में प्रगतिशील मखाना एवं कमल उत्पादक धर्मेंद्र जायसवाल के तालाब का किसानों ने भ्रमण किया और मखाना उत्पादन की व्यावहारिक जानकारी प्राप्त की।जिला उद्यान अधिकारी संदीप गुप्ता ने बताया कि सोमवार को कृषि ज्ञान केंद्र में जनपद के 60 से अधिक किसानों को मखाना उत्पादन की तकनीक एवं खेती से संबंधित जानकारी दी गई थी।
प्रशिक्षण के बाद किसानों को मौके पर ले जाकर खेती की तकनीक को देखने, समझने और सीखने के उद्देश्य से यह भ्रमण आयोजित किया गया। इस दौरान किसानों को खड्डा विकासखंड के ग्राम दरगौली में उमेश के यहां केले की बागवानी तथा ग्राम रामनगर में पप्पू साहनी के यहां हल्दी की व्यावसायिक खेती का भी अवलोकन कराया गया।
उन्होंने बताया कि मखाना को सुपरफूड के रूप में वैश्विक स्तर पर बढ़ती मांग को देखते हुए पूर्वांचल में भी इसे जलीय फसल के रूप में बढ़ावा दिया जा रहा है। जनपद में चालू वर्ष से पांच हेक्टेयर क्षेत्रफल में किसानों के तालाबों में मखाना की खेती के लिए अनुदान दिया जा रहा है। उन्होंने किसानों से योजना का लाभ उठाकर मखाना उत्पादन से जुड़ने की अपील की।
भ्रमण के दौरान उद्यान निरीक्षक रणजीत यादव ने किसानों को परंपरागत खेती के साथ उद्यान एवं जलीय फसलों को अपनाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि फसल का चयन खेत की आवश्यकता, स्थानीय जलवायु और जल संरक्षण को ध्यान में रखते हुए किया जाना चाहिए। योजना प्रभारी ने ड्रिप एवं स्प्रिंकलर सिंचाई की स्थापना पर 90 प्रतिशत तक अनुदान की जानकारी देते हुए किसानों को जल संरक्षण के साथ खेती की लागत कम करने के उपाय बताए।
भ्रमण कार्यक्रम में विभागीय फील्ड स्टाफ गिरिजा शंकर यादव, प्रगतिशील किसान सुरेंद्र चौहान सहित प्रशिक्षण में शामिल किसान उपस्थित रहे।
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