Friday 17th of April 2026 07:05:33 AM

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Author: Kripa Shankar

5 Sep

शिक्षक दिवस

भगवान से भी अधिक है स्थान गुरु का माता- पिता से अधिक है सम्मान गुरु का अंधकार से निकाल कर जो रोशनी दिया सूरज- चांद से भी अधिक है पहचान

4 Sep

सांझ का सच

शहर से आने में रोज सांझ बिता ही देते हो, कभी तो समय से आकर बच्चों की कापी, किताब ,कलम, पेंसिल और रबर की जानकारी ले लिया करो। इतनी रात

30 Aug

गोकुल के श्याम

कब से आंखे तरस रहीं हैं दर्शन तेरा हो जाए माला फूल चढ़ाने को आतुर मेरा मन हर्षाए झूला ढंका हुआ उस पर हीरे, मोती, सोने- चांदी मोर मुकुट धारण

1 Jul

छत्रपति शाहू जी महाराज

शाहूजी महाराज मराठा सम्राट और छत्रपति संभाजी महाराज के बेटे थे |इनका जन्म 26 जून सन 1874 को मांगो, सतारा,महाराष्ट्र में हुआ था । राज्याभिषेक 12 जनवरी 1908 सतारा में

24 Jun

ढाई आखर प्रेम का

कबीर दास प्रेम का  संदेश एवं समाज को नई दिशा देने वाले संत थे। जहां प्रेम है वहीं खुशी है,जहां खुशी है वहीं ईश्वर का निवास होता है। अहंकार, ईर्ष्या,

14 Jun

मौसम विज्ञान को चुनौती देती घाघ की कविताएं

ज्येष्ठ और आषाढ़ मास  में आंधी, तूफान और बारिश देखते ही  भारतीय किसानों को   महाकवि घाघ  याद आ  ही जाते हैं।  खेतों की जुताई- बुआई के गुर, वर्षा का पूर्वानुमान,पैदावार

9 Jun

बुद्धि और विवेक

यस्य नास्ति स्वयं प्रज्ञा             शास्त्रम् तस्य करोति   किं लोचनाभ्याम विहिनस्य,                    दर्पण: किं करिश्यति अर्थात:- जिस

26 May

एक बूंद पानी

घर के बाहर बिलख रही दु:खिया गौरैया रानी ढूढ़ रही है मिला नहीं पर एक बूंद भी पानी ऊंचे ऊंचे महल अंटारी, सुंदर बाग बगइचा बाहर घास मखमली घर के

26 May

सिद्धार्थ गौतम से भगवान बुद्ध

श्रृष्टि भी एक बार जरूर सोचती होगी कि आखिरकार इक्ष्वाकु वंशीय क्षत्रिय शाक्य राजवंश के राजा शुद्धोधन का प्रिय राज कुमार सिद्धार्थ परिवार सुख ,राज सुख,वैभव सुख और राजपाठ का

21 Apr

घर में रह नरेश

हर साल कोरोना अइले, बड़ परेशानी बलमू अपने गांव में चलिके फिर से, कर किसानी बलमू अब कबहूं  नाहीं जइबइ , पूना ,बांबे और दिल्ली भागि – भागि आवइ के

21 Apr

घर में रह नरेश

हर साल कोरोना अइले, बड़ परेशानी बलमू अपने गांव में चलिके फिर से, कर किसानी बलमू अब कबहूं  नाहीं जइबइ , पूना ,बांबे और दिल्ली भागि – भागि आवइ के