आम के वानस्पतिक एवम पुष्पीय मालफॉर्मेशन का प्रबंधन कैसे करें?
आम का मालफॉर्मेशन (खराबी ) एक कवकजनित रोग है। मालफॉर्मेशन आम की सबसे महत्वपूर्ण समस्याओं में से एक है और आम की सफल खेती के लिए एक गंभीर खतरा है।
आम का मालफॉर्मेशन (खराबी ) एक कवकजनित रोग है। मालफॉर्मेशन आम की सबसे महत्वपूर्ण समस्याओं में से एक है और आम की सफल खेती के लिए एक गंभीर खतरा है।
आम की उत्पादकता को बढ़ाने के लिए आवश्यक है कि मंजर ने टिकोला लगने के बाद बाग का वैज्ञानिक ढंग से प्रबंधन कैसे किया जाये ?जानना आवश्यक है- मटर
कुशीनगर-कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही की अध्यक्षता में आज कृषि विज्ञान केंद्र सरगटिया करनपट्टी तमकुही राज में किसान मेले व कृषि प्रदर्शनी का उद्घाटन किया | इस अवसर पर विधायक
भाटपाररानी -प्रोफेसर रवि सुमन कृषि एवं ग्रामीण विकास ट्रस्ट( PRSARD Trust)मल्हनी भाटपार रानी के तत्वावधान में आज कृषि एवं ग्रामीण विकास पर एक गोष्ठी का आयोजन ट्रस्ट प्रक्षेत्र कार्यालय लक्षमणपुर
आम की जैविक खेती के लिए ,आम उत्पादक किसानों के पास एक स्वस्थ फसल उगाने की योजना हो,जिसके लिए निम्नलिखित उपाय करना करना चाहिए यथा कीटों और अन्य रोग कारक
जून- जुलाई में उत्तक संबर्धन से लगाया गया केला का पौधा 7-8 महीने का हो गया होगा , अब इसमे हल्की जुताई-गुड़ाई करने के बाद प्रति केला 200 ग्राम यूरिया,
निष्पक्ष प्रतिनिधि को दिए साक्षात्कार में कृषि विज्ञान केंद्र कुशीनगर , प्रभारी डॉ अशोक राय ने कहा कि मार्च -अप्रैल में पपीता लगाने के लिए उपयुक्त समय है ।इसके
प्रोफेसर राजेंद्र प्रसाद भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद नई दिल्ली की गवर्निंग बॉडी के सदस्य प्रोफेसर राजेंद्र प्रसाद ने कृषि विज्ञान केंद्र देवरिया का भ्रमण किया। इस अवसर पर केंद्र पर
अरवी को घुईया के नाम से भी जाना जाता है। इसकी खेती मुख्यतः खरीफ मौसम में की जाती है , लेकिन सिंचाई की सुविधा होने पर बसंतकालीन में भी की
देवरिया /भाटपाररानी – कृषकों एवं ग्रामीणों के उत्थान हेतु समर्पित स्वयं सेवी संस्था प्रोफेसर रवि सुमन कृषि एवं ग्रामीण विकास (प्रसार्ड) ट्रस्ट मल्हनी (भाटपार रानी) देवरिया के सदस्य सुरेश चन्द्र
देवरिया /भाटपाररानी – कृषकों एवं ग्रामीणों के उत्थान हेतु समर्पित स्वयं सेवी संस्था प्रोफेसर रवि सुमन कृषि एवं ग्रामीण विकास (प्रसार्ड) ट्रस्ट मल्हनी (भाटपार रानी) देवरिया के सदस्य सुरेश चन्द्र