खेतों मे चूहाँ प्रबंधन का सही समय मई-जून
खाध पदार्थों को हाँनि पहुंँचाने वाले जीवों में चूहों का प्रथम स्थान है ।एक चूहा एक दिन में 10-60 ग्राम तक अनाज खा सकता है।चूहों की संख्या मनुष्य की संख्या
खाध पदार्थों को हाँनि पहुंँचाने वाले जीवों में चूहों का प्रथम स्थान है ।एक चूहा एक दिन में 10-60 ग्राम तक अनाज खा सकता है।चूहों की संख्या मनुष्य की संख्या
बलिया -कोरोना गाइड लाईन का पालन करते हुए स्वयं सेवी संस्था वर्ड विजन आफ इण्डिया , क्षेत्रीय परियोजना कार्यक्रम बलिया के सौजन्य से बेरूवारबारी के चयनित कृषकों/कृषक महिलाओं हेतु एक
बलिया – रबी फसलों की कटाई. प्रारंभ की ओर है। उनके अवशेषों / पराली को जलाये नही बल्कि उपयोग मे लाये। यह जानकारी आचार्य नरेन्द्र देव कृषि एवं प्रौधोगिक विश्वविधालय
बलिया -खेतों में गेहूं की फसल पक कर खड़ी है ,कही -कही कटाई भी प्रारम्भ है ,आगजनी न हो , इस समय विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है । पैदल,
बलिया -पेड़ी, बसन्तकालीन एवं शरदकालीन गन्ने की फसल खेतों में लगी हुई है। गन्ने की फसल में कई तरह के कीट लगने का खतरा रहता है जो पूरी की पूरी
प्राचीन काल से अदरक का उपयोग मसाले के रूप में साग-भाजी, सलाद, चटनी तथा अचार और विभिन्न प्रकार की भोजन सामग्रियों के निर्माण एवं नाना प्रकार की औषधियों के निर्माण
आम में फल झड़ने की समस्या बहुत ही गंभीर है किसान भाई समय पर ध्यान नहीं देते तो अच्छी बौर आने के बाद भी पेड़ पर बहुत कम या ना
भाटपाररानी -कद्दू वर्गीय सब्जियां जैसे लौकी, कद्दू, तुरई और, करेला, टिण्डा, खीरा, ककडी, तरबूज, खरबूजा आदि जायद तथा खरीफ मौसम की महत्वपूर्ण सब्जिया हैं । यद्यपि कद्दू वर्गीय सब्जियों का
बलिया -आचार्य नरेन्द्र देव कृषि एवं प्रौधोगिक विश्व विधालय कुमारगंज अयोध्या द्वारा संचालित कृषि विज्ञान केन्द्र सोहाँव बलिया के अध्यक्ष प्रो.रवि प्रकाश मौर्य ने हल्दी की उपयोगिता एवं
बलिया जिला मुख्यालय से 16 किमी. उत्तर तथा बाँसडीह ब्लाक से 1 किमी. पश्चिम दिशा मे स्थित है, मिरिगिरी टोला। जो पिण्डरा ग्राम सभा मे आता है। इस गाँव के
बलिया जिला मुख्यालय से 16 किमी. उत्तर तथा बाँसडीह ब्लाक से 1 किमी. पश्चिम दिशा मे स्थित है, मिरिगिरी टोला। जो पिण्डरा ग्राम सभा मे आता है। इस गाँव के