बेमौसम बरसात से खेती को ज्यादा फायदा
इस समय तपती गर्मी में बेमौसम बर्षात होने से पशु ,पंछी ,मानव एवं खेतों में लगी फसलों के लिये काफी लाभदायक है। आचार्य नरेन्द्र देव कृषि एवं प्रौधौगिक विश्व
इस समय तपती गर्मी में बेमौसम बर्षात होने से पशु ,पंछी ,मानव एवं खेतों में लगी फसलों के लिये काफी लाभदायक है। आचार्य नरेन्द्र देव कृषि एवं प्रौधौगिक विश्व
बलिया -पिछले कई वर्षो से मिली बग के रूप मे एक नई चूषक कीट की समस्या देखने को मिल रही है तथा आने वाले समय में इस कीट की समस्या
आम के फल इस समय छोटे से बडे़ हो रहे है। परिपक्वता की ओर है। वागवानों के मेहनत का नतीजा है कि आम के वागों मे काफी फल दिखाई दे
कोरोना वायरस के कारण 1मई से लाकडाउन चल रहा है। लोग घरों में कैद है ,बहुत आवश्यकता पड़ने पर ही घर से बाहर निकल रहे है। आचार्य नरेन्द्र देव कृषि
लघु या छोटे धान्य फसलों जैसे -मंडुआ, सावाँ,कोदों, चीना,काकुन आदि को मोटा अनाज कहा जाता है। इन सभी फसलों के दानों का आकार बहुत छोटा होता है। लघु अनाज पोषक
इस समय मेंथा की खेती करने वाले किसानों को बहुत ही सावधान रहने की जरूरत है। जरा सी लापरवाही पूरी फसल के साथ उनकी लागत और मेहनत को भी बर्बाद
भाटपाररानी -किसान भाइयों रबी की फसल की कटाई एवं मड़ाई समाप्त हो चुकी है, आशा है सभी लोगों ने अपने अनाज का भंडारण ठीक ढंग से कर लिया होगा। हमने
बलिया -रबी फसलों की कटाई हो चुकी है अगर फसलों की कटाई के बाद ढैंचा या मूंग या अन्य कोई फसल नहीं लगा रहे हैं, तो खेतों की गहरी जुताई
जायद में उर्द एवं मूंग की खेती किसान भाई किये है। इसमें उर्वरक बीज, सिंचाई में लागत लगती है। इतना मेहनत के बाद कभी-कभी कीट एवं बीमारियों के प्रकोप होने
रबी फसलों की कटाई समाप्ति की ओर है। कटाई मड़ाई के बाद सबसे जरूरी काम अनाज भंडारण का होता है। अनाज के सुरक्षित भंडारण के लिए वैज्ञानिक विधि अपनाने की
रबी फसलों की कटाई समाप्ति की ओर है। कटाई मड़ाई के बाद सबसे जरूरी काम अनाज भंडारण का होता है। अनाज के सुरक्षित भंडारण के लिए वैज्ञानिक विधि अपनाने की