गेंदा फूल की खेती कैसे करें किसान भाई ?
गेंदा फूल को पूजा अर्चना के अलावा शादी-ब्याह, जन्म दिन, सरकारी एवं निजी संस्थानों में आ योजित विभिन्न समारोहों के अवसर पर ,पंडाल, मंडप-द्वार तथा गाड़ी, सेज आदि सजाने एवं
गेंदा फूल को पूजा अर्चना के अलावा शादी-ब्याह, जन्म दिन, सरकारी एवं निजी संस्थानों में आ योजित विभिन्न समारोहों के अवसर पर ,पंडाल, मंडप-द्वार तथा गाड़ी, सेज आदि सजाने एवं
बलिया -मशरूम को कुकुरमुत्ता, भूमिकवक, खुम्भ, खुम्भी आदि कई नामों से जाना जाता है।, प्रायः बरसात के दिनों में छतरीनुमा संरचनायें सडे़ -गले कूडे़ के ढेरों पर या गोबर की
बलिया -इस समय बर्षा का क्रम जारी है ,खरीफ फसलों में धान की प्रमुख रूप से खेती की जाती है ।किसान भाइयों को धान की फसल से बहुत उमीद रहती
बलिया- जिला मुख्यालय से 32 किमी. उत्तर दिशा मे स्थित मनियर नगर पंचायत है। इस पंचायत के 50 बर्षीय कृषक है, हरेराम चौरसिया। जिनकी शिक्षा इण्टरमीडिएट है। आचार्य नरेन्द्र
खरीफ फसलों में धान की प्रमुख रूप से खेती की जाती है ।किसान भाइयों को धान की फसल से बहुत उम्मीद रहती है। इस लिए धान की रोपाई करने में
बलिया -आम की खेती का लाभ मुख्य रूप से समय पर बाग में किये जाने वाले विभिन्न कृषि कार्यो पर निर्भर करता है। समय से कृषि कार्य या गतिविधियाँ न
बलिया -पौधे से बाली निकलने के समय धान की फसल पर बालियों में कंडुआ रोग का असर दिखने लगता है। इस रोग के कारण धान के उत्पादन पर असर पड़ने
बलिया -तिल का उपयोग रेवडी , लडड् बनाने के साथ-साथ अन्य विभिन्न रूप मे किया जाता है। इसके तेल का उपयोग पूजा पाठ, शरीर मे लगाने के काम आता है।
अरहर देवरिया जनपद के पहचान हुआ करती थी मगर आज किसानों के अरहर बुवाई में कम रुचि तथा घड़रोज जैसे जानवरो के प्रकोप के कारण जनपद में अरहर का रकबा
बलिया -पूर्वी उत्तर प्रदेशक्षके कुछ जनपदों में संडा विधि से धान की खेती किसानों के बीच प्रचलित हो रही है। आचार्य नरेन्द्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय कुमारगंज अयोध्या
बलिया -पूर्वी उत्तर प्रदेशक्षके कुछ जनपदों में संडा विधि से धान की खेती किसानों के बीच प्रचलित हो रही है। आचार्य नरेन्द्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय कुमारगंज अयोध्या