अधिक लाभ के लिए उन्नत तकनीक से उगाए अरहर
अरहर देवरिया जनपद के पहचान हुआ करती थी मगर आज किसानों के अरहर बुवाई में कम रुचि तथा घड़रोज जैसे जानवरो के प्रकोप के कारण जनपद में अरहर का रकबा
अरहर देवरिया जनपद के पहचान हुआ करती थी मगर आज किसानों के अरहर बुवाई में कम रुचि तथा घड़रोज जैसे जानवरो के प्रकोप के कारण जनपद में अरहर का रकबा
बलिया -पूर्वी उत्तर प्रदेशक्षके कुछ जनपदों में संडा विधि से धान की खेती किसानों के बीच प्रचलित हो रही है। आचार्य नरेन्द्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय कुमारगंज अयोध्या
दलहनी फसलें खाद्यान्न फसलों की अपेक्षा अधिक सूखारोधी होती है। इसलिये सूखा ग्रस्त क्षेत्रों में भी इससे अधिक उपज मिलती है। आचार्य नरेन्द्र देव कृषि एवं प्रौधोगिक विश्व विधालय
बलिया -खरीफ में धान के बाद मक्का बलिया की मुख्य फसल है । इसकी खेती दाने ,भुट्टे एवं हरे चारे के लिए की जाती है। इसके दाने से लावा, सत्तू,
धान खरीफ की मुख्य फसल है। अगर कुछ बातों का शुरु से ही ध्यान रखा जाए तो धान की फसल ज्यादा मुनाफा देगी। धान की खेती की शुरुआत नर्सरी से
बलिया -यास तूफान मानसून के आगमन को प्रभावित कर रहा है। यह असर कितना होगा? और कब तक होगा? इस पर लगातार निगरानी हो रही है। सीएसए के मौसम
बलिया -मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार बंगाल की खाड़ी से उठा ‘यास’ तूफान पूर्वांचल को भी अपनी गिरफ्त में ले लिया है। मौसम विभाग ने पूर्वांच्चल के जनपदों को इससे अलर्ट
बलिया -चक्रवर्ती तुफान ताऊते के असर के कारण विगत सोमवार से मौसम खराब हो गया। ताऊते तूफान की वजह से मिल रही नमी से पश्चिमी विक्षोभ के सक्रियता से विगत
मधुमक्खी पालन एक ऐसा व्यवसाय है जिसमें कम क्षेत्रफल और कम समय में अधिक लाभ प्राप्त किया सकता है। इस व्यवसाय में श्रम एवं पूंजी की भी कम आवस्यक्ता पड़ती
बलिया -पपीता सबसे कम समय में फल देने वाला पौधा है इसलिए कोई भी इसे लगाना पसंद करता है, पपीता न केवल सरलता से उगाया जाने वाला फल है, बल्कि
बलिया -पपीता सबसे कम समय में फल देने वाला पौधा है इसलिए कोई भी इसे लगाना पसंद करता है, पपीता न केवल सरलता से उगाया जाने वाला फल है, बल्कि