सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर पोटैटो का शिलान्यास किया गया
कुशीनगर -राजकीय आलू प्रक्षेत्र कसया कुशीनगर में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर पोटैटो का राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) उद्यान, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार तथा कृषि निर्यात उ0 प्र0 शासन दिनेश
कुशीनगर -राजकीय आलू प्रक्षेत्र कसया कुशीनगर में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर पोटैटो का राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) उद्यान, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार तथा कृषि निर्यात उ0 प्र0 शासन दिनेश
भाटपाररानी -आजादी का अमृत महोत्सव कार्यक्रम के अंतर्गत एक दिवसीय किसान मेले का आयोजन कृषि विज्ञान केंद्र मल्हना भाटपार रानी देवरिया पर किया गया । किसान भागीदारी प्राथमिकता हमारी अभियान
रबी फसलों की कटाई समाप्ति की ओर है। कटाई मड़ाई के बाद सबसे जरूरी काम अनाज भंडारण का होता है। अनाज के सुरक्षित भंडारण के लिए वैज्ञानिक विधि अपनाने की
हल्दी का उपयोग प्राचीनकाल से विभिन्न रूपों में किया जाता आ रहा हैं, क्योंकि इसमें रंग महक एवं औषधीय गुण पाये जाते हैं। हल्दी में जैव संरक्षण एवं जैव विनाश
खेतों में गेहूं की फसल पक कर तैयार है ,कही -कही कटाई भी प्रारम्भ है ,आगजनी न हो इसके लिए इस समय विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है । पैदल,
रबी फसलों की कटाई प्रारंभ की ओर है। उनके अवशेषों / पराली को जलाये नही बल्कि उपयोग मे लाये। यह जानकारी प्रोफेसर रवि सुमन कृषि एवं ग्रामीण विकास ट्रस्ट मल्हनी
देवरिया – कृषि तकनीक अनुप्रयोग अनुसंधान कानपुर के निदेशक डॉ यू एस गौतम ने किया कृषि विज्ञान केंद्र का भ्रमण किया | कृषि विज्ञान केंद्र मल्हना भाटपार रानी देवरिया का
सूरन न केवल सब्जी, अचार के लिए है, अपितु इसमें अनेक प्रकार के औषधीय तत्व भी मौजूद हैं। प्रसार्ड ट्रस्ट मल्हनी भाटपार रानी देवरिया के निदेशक डा. रवि प्रकाश मौर्य
गर्मियों में विभिन्न दलहनी फसलों में मूंग की खेती का विशेष स्थान है। मूंग की खेती के फायदों को देखते हुए प्रसार्ड के निदेशक प्रो. रवि प्रकाश मौर्य, सेवानिवृत्त बरिष्ठ
अरहर की फसल को फली छेदक कीट सर्वाधिक क्षति पहुंचाता है। किसान इसका प्रकोप उस समय समझ पाते हैं जब सूड़ी बड़ी होकर अरहर की फसल को 5 से 7
अरहर की फसल को फली छेदक कीट सर्वाधिक क्षति पहुंचाता है। किसान इसका प्रकोप उस समय समझ पाते हैं जब सूड़ी बड़ी होकर अरहर की फसल को 5 से 7