आज का मौसम
कृषि मौसम विज्ञान विभाग, आ०न०दे० कृषि एवं प्रौ०वि०वि०, कुमारगंज अयोध्या। दिनांक-06-05-2025 अधिकतम तापमान (डिग्री से०) : 36.0 (सामान्य) न्यूनतम तापमान (डिग्री से०) : 23.5 (सामान्य) सापेक्षिक आर्द्रता अधिकतम : 87
कृषि मौसम विज्ञान विभाग, आ०न०दे० कृषि एवं प्रौ०वि०वि०, कुमारगंज अयोध्या। दिनांक-06-05-2025 अधिकतम तापमान (डिग्री से०) : 36.0 (सामान्य) न्यूनतम तापमान (डिग्री से०) : 23.5 (सामान्य) सापेक्षिक आर्द्रता अधिकतम : 87
केंद्रीय संसदीय कार्य एवं अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने आज हो ची मिन्ह सिटी में स्थित वियतनाम बौद्ध अकादमी में संयुक्त राष्ट्र वेसाक दिवस-2025 समारोह के दौरान विश्व भर
सब्ज़ियों की तुड़ाई का सही समय उसकी गुणवत्ता, स्वाद, उपयोगिता और बाजार मांग पर गहरा प्रभाव डालता है। समय से पहले या बहुत देर से तुड़ाई करने पर फसल की
गोण्डा: जिला प्रशासन और जिलाधिकारी नेहा शर्मा की पहल पर, गोण्डा जिले के कोडर झील को पर्यटक स्थल के रूप में विकसित करने के लिए कार्य शुरू कर दिया गया
लखनऊ : चित्रकूट जनपद स्थित राजापुर में महाकवि तुलसीदास की 12.50 फीट की अष्टधातु की मूर्ति स्थापित की जाएगी। इसे जयपुर के मूर्तिकार राजकुमार ने तैयार किया है। पर्यटन विभाग की
गोरखपुर-राजकीय बौद्ध संग्रहालय, गोरखपुर (संस्कृति विभाग, उ0प्र0) द्वारा आज संग्रहालय के 39 वां स्थापना दिवस समारोह‘ का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का औपचारिक शुभारम्भ मुख्य अतिथि प्रोफेसर जय प्रकाश
गोरखपुर- संस्कृति विभाग उत्तर प्रदेश के सहयोग से शारदा संगीतालय गोरखपुर द्वारा लुप्त हो रहे पारंपरिक लोक गीतों की 10 दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ आज विजय चौक स्थित एस एस
कुशीनगर-राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार), उद्यान, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार एवं कृषि निर्यात, उ०प्र० दिनेश प्रताप सिंह का भ्रमण, निरीक्षण कार्यक्रम निर्धारित हुआ है। 6 मई को सिद्धार्थनगर में विविध कार्यक्रम
नई दिल्ली- केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के नई दिल्ली स्थित भारत रत्न सी सुब्रह्मण्यम ऑडिटोरियम,
भारत जैसे कृषि-प्रधान देश में यह एक विडंबना है कि कृषि की पढ़ाई करने वाले युवा खुद खेती करने से कतराते हैं। यह सवाल केवल एक प्रवृत्ति नहीं, बल्कि ग्रामीण
भारत जैसे कृषि-प्रधान देश में यह एक विडंबना है कि कृषि की पढ़ाई करने वाले युवा खुद खेती करने से कतराते हैं। यह सवाल केवल एक प्रवृत्ति नहीं, बल्कि ग्रामीण