यात्रीगण कृपया ध्यान दे
गोरखपुर- रेलवे प्रशासन द्वारा यात्रियों की सुविधा हेतु पूर्व में चलाई गई 05163/05164 औंड़िहार-सारनाथ-औंड़िहार डेमू विशेष गाड़ी का संचलन औड़िहार एवं सारनाथ से 09 मई से 31 जुलाई,2025 तक प्रतिदिन
गोरखपुर- रेलवे प्रशासन द्वारा यात्रियों की सुविधा हेतु पूर्व में चलाई गई 05163/05164 औंड़िहार-सारनाथ-औंड़िहार डेमू विशेष गाड़ी का संचलन औड़िहार एवं सारनाथ से 09 मई से 31 जुलाई,2025 तक प्रतिदिन
भारतीय नौसेना की पहली पहल हिंद महासागर जहाज सागर, जिसमें नौ आईओआर नौसेनाओं के कर्मियों द्वारा संयुक्त रूप से चालक दल शामिल था, ने दक्षिण-पश्चिम आईओआर क्षेत्र में अपनी महीने भर की
कृषि मौसम विज्ञान विभाग, आ०न०दे० कृषि एवं प्रौ०वि०वि०, कुमारगंज अयोध्या। दिनांक-08-05-2025 अधिकतम तापमान (डिग्री से०) : 38.5 (- 0.3) न्यूनतम तापमान (डिग्री से०) : 23.0 (- 0.8) सापेक्षिक आर्द्रता अधिकतम
गोरखपुर-संस्कृति विभाग उत्तर प्रदेश के सहयोग से लोकगीतों को संरक्षित करने के उद्देश्य से शारदा संगीतालय द्वारा एस एस एकेडमी में आयोजित 10 दिवसीय परम्परिक लोक गीत कार्यशाला में आज
गोरखपुर -राजकीय बौद्ध संग्रहालय, गोरखपुर (संस्कृति विभाग, उ0प्र0) द्वारा आज ‘‘वैश्विक बुद्ध एवं जातक कथायें‘‘ विषयक अन्तरराष्ट्रीय कला प्रदर्शनी एवं प्रमाण-पत्र वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर
गोण्डा। जनपद में गो संरक्षण अब केवल सामाजिक दायित्व नहीं, बल्कि नवाचार और सतत आजीविका का माध्यम बन रहा है। जिला प्रशासन द्वारा अपने विशेष अभियान के तहत अब गो
कृषि मौसम विज्ञान विभाग, आ०न०दे० कृषि एवं प्रौ०वि०वि०, कुमारगंज अयोध्या। दिनांक-07-05-2025 अधिकतम तापमान (डिग्री से०) : 35.0 (- 1.0) न्यूनतम तापमान (डिग्री से०) : 25.0 (+1.3) सापेक्षिक आर्द्रता अधिकतम :
गोरखपुर-आज पीएसी मध्य ज़ोन लखनऊ की मेज़बानी में 26वीं वाहिनी पीएसी गोरखपुर में 05.05.2025 से 07.05.2025 तक आयोजित तीन दिवसीय 26वीं अंतरवाहिनी पीएसी मध्य ज़ोन बैटमिंटन एवं टेबल टेनिस प्रतियोगिता-2025
कुशीनगर की सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने हेतु केस ब्लैकआउट एवं एयर रेड मॉकड्रिल का आयोजन आज सायंकाल 07:30 बजे से रात्रि 08:30 बजे के मध्य उत्तर प्रदेश परिवहन निगम,
आंख खोलकर देखो दरिंदों दुर्दिन तेरा आ गया , बहुत हंसे थे उस दिन, मातम,आज तेरे घर छा गया । कमजोर मान सिंदूर को मेरे तुमने
आंख खोलकर देखो दरिंदों दुर्दिन तेरा आ गया , बहुत हंसे थे उस दिन, मातम,आज तेरे घर छा गया । कमजोर मान सिंदूर को मेरे तुमने