पीडीएमसी माइक्रो इरिगेशन योजना के प्रचार-प्रसार एवं अपनाने हेतु कार्यशाला आयोजित
कुशीनगर। जनपद में उद्यान विभाग, गन्ना विभाग एवं गन्ना विकास परिषद, लक्ष्मीगंज के संयुक्त तत्वावधान में Per Drop More Crop (PDMC) – Micro Irrigation योजना के प्रचार-प्रसार एवं किसानों को योजना का अधिकाधिक लाभ दिलाने के उद्देश्य से कार्यशाला आयोजित की गई।कार्यशाला में जिला उद्यान अधिकारी कृष्ण कुमार चौधरी, जिला गन्ना अधिकारी हुडा सिद्दीकी तथा बिरसा इरिगेशन के प्रतिनिधि अनूप धवन ने किसानों को माइक्रो इरिगेशन प्रणाली के लाभ, अनुदान एवं आवेदन प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि ड्रिप एवं स्प्रिंकलर सिंचाई प्रणाली के माध्यम से पानी को फसल की आवश्यकता के अनुसार उपलब्ध कराया जा सकता है। इससे सिंचाई जल की बचत, उर्वरकों का प्रभावी उपयोग, कृषि लागत में कमी तथा फसल उत्पादन में वृद्धि करने में सहायता मिलती है। यह तकनीक जल संरक्षण एवं कम पानी में अधिक उत्पादन के लिए विशेष रूप से उपयोगी है।
किसानों को जानकारी दी गई कि पीडीएमसी योजना के अंतर्गत दो हेक्टेयर से कम क्षेत्रफल वाले किसानों को 90 प्रतिशत तथा दो हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल वाले किसानों को 80 प्रतिशत अनुदान दिए जाने का प्रावधान है। योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए पात्र किसानों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार संबंधित विभाग, सहज जन सेवा केंद्र अथवा स्वयं ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन के लिए आवश्यक अभिलेखों में खतौनी, आधार कार्ड, बैंक पासबुक, दो फोटो एवं मोबाइल नंबर शामिल हैं।
कार्यशाला में माइक्रो इरिगेशन प्रणाली की स्थापना, संचालन, रखरखाव तथा फसल के अनुसार इसके उपयोग के संबंध में भी जानकारी दी गई। किसानों को बताया गया कि ड्रिप एवं स्प्रिंकलर प्रणाली अपनाकर पानी, बिजली, श्रम एवं उर्वरकों की बचत की जा सकती है तथा फसलों को नियमित सिंचाई उपलब्ध कराई जा सकती है।
अधिकारियों ने किसानों से अपील की कि वे उपलब्ध अनुदान का लाभ उठाकर आधुनिक, वैज्ञानिक एवं जल संरक्षण आधारित सिंचाई तकनीकों को अपनाएं। इससे “प्रति बूंद अधिक फसल” के उद्देश्य को साकार करने के साथ कृषि उत्पादकता एवं किसानों की आय बढ़ाने में भी सहायता मिलेगी।
गन्ना विकास समिति के चेयरमैन धनंजय गोविंद राव ने कहा कि वर्तमान समय में जल संरक्षण एवं सिंचाई की आधुनिक तकनीकों को अपनाना कृषि के लिए अत्यंत आवश्यक है। ड्रिप एवं स्प्रिंकलर सिंचाई प्रणाली से पानी का सदुपयोग करते हुए उत्पादन लागत कम की जा सकती है और किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिल सकती है। उन्होंने किसानों से पीडीएमसी माइक्रो इरिगेशन योजना का अधिकाधिक लाभ उठाने तथा अन्य किसानों को भी इन तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित करने की अपील की।
इस अवसर पर उद्यान विभाग, गन्ना विकास समिति एवं सूक्ष्म सिंचाई क्षेत्र से जुड़े अधिकारी एवं प्रतिनिधिगण तथा क्षेत्र के किसान उपस्थित रहे।
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