चारों धामों की यात्रा हर वर्ष बना रही नया रिकॉर्ड
उत्तराखंड:-मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती संख्या को लेकर खासे गंभीर नज़र आ रहे हैं। सभी इंतजामों को चाक चौबंद बनाए रखने के लिए मुख्यमंत्री
उत्तराखंड:-मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती संख्या को लेकर खासे गंभीर नज़र आ रहे हैं। सभी इंतजामों को चाक चौबंद बनाए रखने के लिए मुख्यमंत्री
गोरखपुर – सरस्वती शिशु मंदिर (10+2)पक्की बाग गोरखपुर में महर्षि परशुराम की जयंती मनाई गई ।विद्यालय के वरिष्ठ आचार्य अमर सिंह ने अपने उद्बोधन में कहा कि परशुराम जी शास्त्र
एक बार बुद्ध से यह समझाने के लिए कहा गया कि वास्तविक सुख क्या है? उन्होंने अनेक कुशल कर्मों के नाम गिनाए जो ऐसे सुख के उत्पादक है, जो
अजमेर: देशभर में आज ईद उल फितर का जश्न मनाया जा रहा है. ऐसे में विश्व विख्यात ख्वाजा गरीब नवाज की दरगाह शरीफ (Ajmer Sharif Dargah) में भी अकीदतमंदों का
गोरखपुर- गोरखनाथ मंदिर के ओपन थियेटर में हिंदू नववर्ष की पूर्व संध्या पर 8 अप्रैल को सायं 7.00 बजे से सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया है । कार्यक्रम
राम जन्मभूमि मंदिर में अपने जन्मस्थान पर श्रीरामलला जी 22 जनवरी 2024 को विराजमान हो गये इसके पीछे लगभग 500 साल का संघर्षपूर्ण इतिहास है साथ ही साथ मुझे इस
भगवान श्रीकृष्ण ने 12 महीनों में अपने को मार्गशीर्ष/अगहन मास बताया है | बृहत्साम तथा साम्नां गायत्री छन्दसामहम्। मासानां मार्गशीर्षोडहमृतूनां कुसुमाकरः। भगवान श्रीकृष्ण ने गीता जयंती एवं इस माह की
नॉएडा -महर्षि महेश योगी संस्थान के तत्त्वावधान में महर्षि आश्रम द्वारा श्री रामकथा ज्ञान-यज्ञ का आयोजन नोयडा में किया जा रहा है। कथा- दान कर रहे हैं- सतीश सद्गुरु नाथ।
कुशीनगर- जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी सिंह प्रताप देव ने उ0प्र0 शासन के हवाले से बताया कि कि हज कमेटी आफ इण्डिया, मुम्बई द्वारा http://.hajcommittee.gov.in पर हज सत्र 1445 हि0-2024 की घोषणा की गयी
जालौन:- बुंदेलखंड की कई ऐसी संस्कृतियां है जिसके बारे में बहुत से लोगों को अभी तक कुछ भी पता नहीं है। बुंदेलखंड के जालौन में शरद पूर्णिमा पर अनोखी परंपरा मनाई
जालौन:- बुंदेलखंड की कई ऐसी संस्कृतियां है जिसके बारे में बहुत से लोगों को अभी तक कुछ भी पता नहीं है। बुंदेलखंड के जालौन में शरद पूर्णिमा पर अनोखी परंपरा मनाई