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By : Nishpaksh Pratinidhi | Published Date : 15 Dec 2025 7:48 PM |   303 views

कोहरे में दृश्यता बढ़ाने के लिए एनएचएआई के उपाय

राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने राष्ट्रीय राजमार्गों पर यात्रियों की सुरक्षा के लिए कोहरे में दृश्यता बढ़ाने हेतु उपाय किए हैं। इन उपायों को ‘इंजीनियरिंग’ और ‘सुरक्षा जागरूकता’ श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है।

‘इंजीनियरिंग उपायों’ में गायब/क्षतिग्रस्त सड़क संकेतों और रोड स्टड को पुनः स्थापित करना, धुंधले या अपर्याप्त फुटपाथ चिह्नों को ठीक करना, मेटल बीम क्रैश बैरियर जैसे सड़क सुरक्षा उपकरणों पर रिफ्लेक्टिव मार्कर और रेट्रो- रिफ्लेक्टिव पीले स्टिकर लगाना, निर्माण क्षेत्रों में सुरक्षा उपायों को लागू करना जिनमें बैरिकेडिंग, डायवर्जन संकेत और राष्ट्रीय राजमार्गों पर दृश्यता बढ़ाने के लिए मध्य भाग के खुले स्थानों पर सौलर ब्लिंकर लगाना शामिल है।

‘सुरक्षा जागरूकता’ उपायों में राष्ट्रीय राजमार्ग पर यात्रियों को कम दृश्यता के बारे में सचेत करने के लिए उठाए जाने वाले उपाय शामिल है। इन उपायों में ‘कोहरे की चेतावनी’ और गति सीमा प्रदर्शित करने के लिए परिवर्तनीय संदेश संकेत (वीएमएस), इलेक्ट्रॉनिक साइनबोर्ड का उपयोग, कोहरे वाले क्षेत्रों में यात्रियों को चेतावनी देने के लिए सार्वजनिक संबोधन प्रणाली का उपयोग, सार्वजनिक सेवा घोषणाओं के लिए इलेक्ट्रॉनिक बिलबोर्ड, रेडियो और सोशल मीडिया का उपयोग, साथ ही दृश्यता बढ़ाने के लिए वाहनों पर रिफ्लेक्टिव टेप लगाना शामिल है।

इसके अतिरिक्त, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएई) के क्षेत्रीय कार्यालयों को निर्देश दिया गया है कि वे राष्ट्रीय राजमार्गों पर दृश्यता का आकलन करने और आवश्यकतानुसार अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था के लिए साप्ताहिक आधार पर रात्रि में राजमार्गों का निरीक्षण करें। साथ ही, घने कोहरे वाले क्षेत्रों के पास राजमार्ग गश्ती वाहन तैनात रहेंगे, जिनमें यातायात को निर्देशित करने के लिए “ट्रैफिक कंट्रोल लाइट स्टिक” होंगी। इसके अलावा, राजमार्ग गतिविधियों के दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए रिफ्लेक्टिव जैकेट का उपयोग अनिवार्य कर दिया गया है।

एनएचएई निर्बाध आपातकालीन प्रतिक्रिया के लिए स्थानीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों, एम्बुलेंस सेवाओं और नगर निगम अधिकारियों के साथ सहयोग करेगा। इसके अतिरिक्त, एनएचएई की टीम कोहरे से संबंधित आपात स्थितियों के दौरान कुशल समन्वय सुनिश्चित करने के लिए यातायात पुलिस के साथ संयुक्त अभ्यास करेगी।

एनएचएआई ने दुर्घटना स्थलों के सुधार के लिए अपने फील्ड अधिकारियों को वित्तीय शक्तियां भी सौंपी हैं, जिनका उपयोग कोहरे में दृश्यता बढ़ाने और समग्र सुरक्षा के लिए किया जा सकता है।

एनएचएआई राष्ट्रीय राजमार्ग पर यात्रा करने वालों से आग्रह करता है कि वे कोहरे में सुरक्षित ड्राइविंग तकनीकों जैसे कि लेन में गाड़ी चलाना और आगे वाले वाहन से सुरक्षित दूरी बनाए रखना, वाहन को सुरक्षित रूप से रोकने के लिए पर्याप्त दृश्यता सुनिश्चित करने के लिए 30 किमी/घंटे या उससे कम की गति से गाड़ी चलाना, हेड/बैक लाइट जलाकर वाहन चलाना, राजमार्ग पर वाहन पार्क न करना बल्कि केवल ट्रक पार्किंग स्थलों और सड़क किनारे की सुविधाओं जैसे निर्दिष्ट स्थानों पर ही पार्क करना, निर्माण स्थलों और डायवर्जन के पास सावधानी से गाड़ी चलाना, वाणिज्यिक वाहनों पर वाहन की पूरी चौड़ाई में रिफ्लेक्टिव टेप लगाना आदि का पालन करें।

एनएचएआई सर्दियों में राष्ट्रीय राजमार्गों पर दुर्घटनाओं को कम करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि राष्ट्रीय राजमार्ग पर सुरक्षित और निर्बाध यात्रा को सुनिश्चित किया जा सके।

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