Friday 6th of March 2026 08:15:51 PM

Breaking News
  • बिहार की सियासत में नया अध्याय –नीतीश की विरासत संभले बेटे निशांत , जद यू में होगी एंट्री |
  • इंडिगो यात्रियों के लिए राहत भरी खबर –मध्य पूर्व फ्लाइट्स पर 31 मार्च तक पायें फ्री कैंसल|
  • नेपाल में GEN-Z सरकार|

Category: कविता

3 Mar

होली

फागुन का देखो मास है आया सबके हृदय में उमंग है छाया , पुए पकवान की ढेर लगी है हर घर थाल में गुजिया सजी है।   रंग-गुलाल हरा- नीला-

7 Jan

“बहु रुपिया”

बहुरुपियों के चाल से   खुद को रखिये संभाल, वरना एक दिन आएगा    आप हो जाएंगे बेहाल ।   खुद के भीतर झांके नहीं     औरों को दे

31 Oct

अहंकार

अहंकार को छोड़ो तुम     खुद के भीतर झांको भूले से भी कभी नहीं      कमतर किसी को आंको ।   चार दिनों का जीवन है    

26 May

” वट सावित्री”

देखो आज आया तीज का त्योहार  मन में छाई है आज खुशियां अपार ।  मेरे सजना की उमर लम्बी हो मेरा सजना स्वाबलम्बी हो शिव-शक्ति से यही करती हूं दुआ

14 Mar

रंगरेज़ ज़िंदगी

कभी कोई गुलाल-सा उड़ता हवा में घुलकर गुम हो जाता कोई अबीर-सा झरता हथेलियों पर मन की रेखाओं में भर जाता।   कुछ लोग पानी के रंगों जैसे होते हैं