” भारत की ऐतिहासिक धरोहर “विषयक छाया प्रदर्शनी का आयोजन कल होगा
गोरखपुर – राजकीय बौद्ध संग्रहालय गोरखपुर ( संस्कृति विभाग उत्तर प्रदेश ) एवं शहीद अशफाक़ उल्ला खां प्राणी उद्यान गोरखपुर के संयुक्त तत्वाधान में विश्व धरोहर सप्ताह के अवसर पर
गोरखपुर – राजकीय बौद्ध संग्रहालय गोरखपुर ( संस्कृति विभाग उत्तर प्रदेश ) एवं शहीद अशफाक़ उल्ला खां प्राणी उद्यान गोरखपुर के संयुक्त तत्वाधान में विश्व धरोहर सप्ताह के अवसर पर
लखनऊ-प्रमुख सचिव जनजातीय विकास हरि ओम ने ट्राइफेड द्वारा ललित कला अकादमी, एकता विहार, अलीगंज, लखनऊ में आदिवासी चित्रों की प्रदर्शनी का शुभारंभ किया। ये प्रदर्शनी सुबह 10.30 बजे से
देवरिया( निष्पक्ष प्रतिनिधि ब्यूरो )- आज नीलकंठ इण्टर कालेज बारा दीक्षित रूद्रपुर में भोजपुरी पुनर्जागरण मंच और प्रोजेक्ट सारथी के सौजन्य से भोजपुरी भाषा में लिखने पढ़ने को प्रोत्साहित करने,
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नए मसौदा दिशा-निर्देशों के अनुसार स्नातक पाठ्यक्रमों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को अनिवार्य रूप से प्रशिक्षण प्राप्त करना होगा और उन्हें इसके लिए क्रेडिट दिया
नालंदा -भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण, भारतीय पुरातत्व परिषद्, फेज, पटना द्वारा संयुक्त रूप से प्रख्यात इतिहासकार , पुरातत्ववेत्ता प्रो. अनंत सदाशिव अल्तेकर की 125 वीं जयंती पर नव नालंदा महाविहार सम
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के भाषा विभाग द्वारा ’’75 दिवसीय भारतीय भाषा उत्सव’’ मनाया जा रहा है। जिसका शुभारम्भ उ0प्र0 संस्कृत संस्थान, लखनऊ के सभागार में कल आयोजित किया जा रहा है।
भूटान – यहां हम सब साथ-साथ एवं हिंदुस्तानी भाषा अकादमी के संयुक्त बैनर तले दसवें अंतर्राष्ट्रीय मैत्री सम्मेलन एवं सांस्कृतिक यात्रा का आयोजन किया गया। इसके अंतर्गत भ्रमण के साथ-साथ
किसी भी भाषा की एक परम्परा होती है, उसके पीछे एक विरासत होती है।उसका प्रयोग और व्यवहार ही उसे जीवन्त बनाता है। भोजपुरी भाषा के पीछे एक समृद्ध विरासत है।
भोजपुरी भाषा भोजपुरी क्षेत्र में रहने वाले लोगों की मातृभाषा है। भारत के विशाल भू-भाग में रहने वाले जनसमूह की भाषा है। इनकी मातृभाषा भोजपुरी पहचान और अस्मिता के साथ
नव नालन्दा महाविहार में हिन्दी दिवस का आयोजन किया गया। एक सितंबर से चल रहे हिन्दी पखवाड़े का समापन हुआ। हिन्दी दिवस पर आयोजित इस कार्यक्रम में प्रास्ताविक व्याख्यान
नव नालन्दा महाविहार में हिन्दी दिवस का आयोजन किया गया। एक सितंबर से चल रहे हिन्दी पखवाड़े का समापन हुआ। हिन्दी दिवस पर आयोजित इस कार्यक्रम में प्रास्ताविक व्याख्यान