यास तूफान से बलिया भी हो रहा प्रभावित
बलिया -मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार बंगाल की खाड़ी से उठा ‘यास’ तूफान पूर्वांचल को भी अपनी गिरफ्त में ले लिया है। मौसम विभाग ने पूर्वांच्चल के जनपदों को इससे अलर्ट
बलिया -मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार बंगाल की खाड़ी से उठा ‘यास’ तूफान पूर्वांचल को भी अपनी गिरफ्त में ले लिया है। मौसम विभाग ने पूर्वांच्चल के जनपदों को इससे अलर्ट
बलिया -चक्रवर्ती तुफान ताऊते के असर के कारण विगत सोमवार से मौसम खराब हो गया। ताऊते तूफान की वजह से मिल रही नमी से पश्चिमी विक्षोभ के सक्रियता से विगत
मधुमक्खी पालन एक ऐसा व्यवसाय है जिसमें कम क्षेत्रफल और कम समय में अधिक लाभ प्राप्त किया सकता है। इस व्यवसाय में श्रम एवं पूंजी की भी कम आवस्यक्ता पड़ती
बलिया -पपीता सबसे कम समय में फल देने वाला पौधा है इसलिए कोई भी इसे लगाना पसंद करता है, पपीता न केवल सरलता से उगाया जाने वाला फल है, बल्कि
इस समय तपती गर्मी में बेमौसम बर्षात होने से पशु ,पंछी ,मानव एवं खेतों में लगी फसलों के लिये काफी लाभदायक है। आचार्य नरेन्द्र देव कृषि एवं प्रौधौगिक विश्व
बलिया -पिछले कई वर्षो से मिली बग के रूप मे एक नई चूषक कीट की समस्या देखने को मिल रही है तथा आने वाले समय में इस कीट की समस्या
आम के फल इस समय छोटे से बडे़ हो रहे है। परिपक्वता की ओर है। वागवानों के मेहनत का नतीजा है कि आम के वागों मे काफी फल दिखाई दे
कोरोना वायरस के कारण 1मई से लाकडाउन चल रहा है। लोग घरों में कैद है ,बहुत आवश्यकता पड़ने पर ही घर से बाहर निकल रहे है। आचार्य नरेन्द्र देव कृषि
लघु या छोटे धान्य फसलों जैसे -मंडुआ, सावाँ,कोदों, चीना,काकुन आदि को मोटा अनाज कहा जाता है। इन सभी फसलों के दानों का आकार बहुत छोटा होता है। लघु अनाज पोषक
इस समय मेंथा की खेती करने वाले किसानों को बहुत ही सावधान रहने की जरूरत है। जरा सी लापरवाही पूरी फसल के साथ उनकी लागत और मेहनत को भी बर्बाद
इस समय मेंथा की खेती करने वाले किसानों को बहुत ही सावधान रहने की जरूरत है। जरा सी लापरवाही पूरी फसल के साथ उनकी लागत और मेहनत को भी बर्बाद