विभाजन विभीषिका दिवस पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया
सलेमपुर -आज राजकीय महिला महाविद्यालय सलेमपुर देवरिया में “हर घर तिरंगा” कार्यक्रम के अंतर्गत विभाजन विभीषिका दिवस पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया | जिसके मुख्य अतिथि महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो हरीश कुमार रहे| उन्होंने कहा कि विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस हर साल 14 अगस्त को मनाया जाता है या दिन 1947 में भारत के बंटवारे के दौरान मारे गए लोगों और मानवीय दर्द को झेलने वाले लाखों विस्थापित परिवारों के संघर्ष और बलिदान की कहानी है।
डॉ. कमला यादव ने कहा कि 1947 में विभाजन के समय हुई हिंसा में लाखों निर्दोष लोगों ने अपनी जान गवाई लोगों ने अपना घर पूर्वजो की जमीन छोड़कर शरणार्थी के रूप में जाना पड़ा | इस विभाजन के मुख्य घटक के रूप में अंग्रेजों की नीतियां जिम्मेदार थी।
डॉ. जनार्दन झा ने कहा कि विभाजन जहां एक तरफ लोगों के बलिदान की कहानी है दूसरी ओर आने वाले वर्षों तक इतिहास में काले अध्याय के रूप में याद किया जाता रहेगा ,क्योंकि देश की बंटवारे की कहानी को भुला नहीं जा सकता।
राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी डॉ. अभिषेक कुमार ने कहा कि इस विभाजन का सबसे सटीक मूल्यांकन हिंदी साहित्य के उपन्यास “तमस और आधा गांव” में देखा जा सकता है|
डॉ योगेन्द्र सिंह ने कहा कि विभाजन के कारण हमारे लाखों बहनों और भाईयों को विस्थापित होना पड़ा और जान भी गंवानी पड़ी यह दिवस उन लोगों के याद में मनाया जाता है |
इस अवसर पर महाविद्यालय के सभी प्राध्यापक गण, कर्मचारी गण और छात्राएं उपस्थित रहे।
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