विभाजन विभीषिका पर आधारित छायाचित्र प्रदर्शनी
लाल बहादुर शास्त्री स्मृति भवन संग्रहालय रामनगर,वाराणसी आज “विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस “एवं स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर विभाजन विभीषिका पर आधारित छायाचित्र प्रदर्शनी का आयोजन किया गया।
प्रदर्शनी का शुभारंभ डॉ विनोद कुमार जायसवाल, असिस्टेंट प्रोफेसर, काशी हिंदू विश्वविद्यालय, वाराणसी के द्वारा किया गया।भारत का विभाजन अभूतपूर्व मानव विस्थापन और मजबूरी में पलायन की एक दर्दनाक कहनी हैं।ये एक ऐसी कहानी है, जिससे लाखों लोग अजनबियों के बीच एकदम विपरीत वातावरण में नया आशियाना तरास रहे थे।विश्वास और धार्मिक आधार पर एक हिंसक विभाजन की कहानी होने के अतिरिक्त यह इस बात की भी कहानी है कि कैसे एक जीवन शैली तथा वर्षों पुराने सह-अस्तित्व का युग अचानक और नाटकीय रूप से समाप्त हो गया। देश का विभाजन किसी विभीषिका से कम नही था।भारत के लाखों लोगों ने वलिदान देकर आजादी प्राप्त की थी। भारत के इस भौगोलिक बटवारे ने देश के लोगों को सामाजिक,सांस्कृतिक, आर्धिक तथा मानसिक रूप से झकझोर दिया था। विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस हमे न सिर्फ भेद-भाव,वैमनस्य एवं दुर्भावना को खत्म करने की याद दिलायेगा बल्कि इससे एकता,सामाजिक सद्भाव और मानव सशक्तिकरण की प्रेरणा मिलेगी।
लाल बहादुर शास्त्री स्मृति भवन संग्रहालय द्वारा आयोजित प्रदर्शनी में विभाजन विभीषिका से सम्बंधित पृष्ठभूमि, तत्कालीन घटना क्रम के छायाचित्र, अखबारों के कटिंग, अभिलेख आदि प्रभावी ढंग से प्रदर्शित किया गया है।
उक्त के अतिरिक्त छात्र-छात्राओं को तिरंगा वितरण कर हर घर तिरंगा अभियान के बारे में जानकारी प्रदान की गई साथ ही राष्ट्रीय ध्वज के महत्व पर प्रकाश डालते हुए हर घर तिरंगा फहराने हेतु जागरूक किया गया।
अतिथियों का स्वागत एवं आभार संग्रहालयाध्यक्ष, अमित कुमार द्विवेदी ने किया।उक्त अवसर पर डॉ सुजीत चौबे, रहमत अली,शैलेश सिंह,महेंद्र लाल, मनोज, अजीत आदि गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
