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By : Nishpaksh Pratinidhi | Published Date : 28 Feb 2026 6:59 PM |   280 views

असफलता के भय से कैसे उबरें?

असफलता का भय लोगों को परेशान क्यों कर देता है? मैं अक्सर इस प्रश्न पर विचार करती हूँ। 
भय हमें इसलिए निष्क्रिय नहीं करता कि असफलता हमारे प्रयासों को निरर्थक बना देती है| वह इसलिए जकड़ लेता है क्योंकि वह हमारी पहचान पर प्रश्नचिह्न लगा देता है। वह हमारे मूल्य और हमारी प्रासंगिकता पर संदेह उत्पन्न करता है। यह भय गहरे मनोवैज्ञानिक स्तर पर जड़ें जमाए होता है।
 
मेरा विश्वास है कि असफलता ही सफलता का वास्तविक अर्थ स्पष्ट करती है। वह कठिन परिस्थितियों की जड़ों को पहचानने में हमारी सहायता करती है और यह भी बताती है कि उनसे कैसे निकलना है? असफलता के बिना सफलता खोखली और अनर्जित प्रतीत होती। फिर भी कुछ ठोकरों के बाद हमें अपनी क्षमता पर संदेह नहीं करना चाहिए। हम प्रायः अपनी असफलताओं की तुलना दूसरों की सफलताओं से करने लगते हैं, और यहीं हम चूक जाते हैं।
 
—- समासिनी श्रीवास्तव ,विधि सलाहकार,प्रवर्तन निदेशालय, सूरत
 
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