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By : Nishpaksh Pratinidhi | Published Date : 10 Jan 2026 6:53 PM |   277 views

अनाज के साथ मोती भी उगाएंगे किसान

कानपुर नगर-कानपुर स्थित भूमि संरक्षण कार्यालय में खेत तालाब योजना के अंतर्गत निर्मित तालाबों में मोती की खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आज एकदिवसीय प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में किसानों को मोती उत्पादन की आधुनिक तकनीक, लागत, संभावित लाभ और विपणन की संभावनाओं के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई।
 
कार्यक्रम में मणि एग्रो हब कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. अयूब हुसैन ने बताया कि खेत तालाबों में मोती की खेती कम पानी और सीमित संसाधनों में अतिरिक्त आय का प्रभावी साधन बन सकती है। उन्होंने कहा कि पारंपरिक खेती के साथ यदि किसान मोती उत्पादन को अपनाते हैं तो यह उनकी आय बढ़ाने का सशक्त विकल्प बन सकता है। मोती की खेती वैज्ञानिक पद्धति और तकनीकी प्रशिक्षण पर आधारित है, जिससे कम समय में बेहतर प्रतिफल संभव है।
 
डॉ. अयूब हुसैन ने बताया कि गुणवत्तापूर्ण मोतियों की बाजार में लगातार मांग बनी हुई है। उन्होंने किसानों को उत्पादन से लेकर विपणन तक तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराने का आश्वासन भी दिया। मणि एग्रो हब कंपनी के निदेशक आनंद त्रिपाठी ने मोती की खेती के व्यावसायिक पहलुओं पर जानकारी साझा करते हुए किसानों को इस नवाचार आधारित कृषि गतिविधि से जुड़ने के लिए प्रेरित किया।
 
कार्यक्रम में कानपुर और उन्नाव जनपद के बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया। मोती मत्स्य उत्पादन में रुचि रखने वाले कृषकों में वीरेन्द्र बहादुर सिंह ग्राम सिकटिया सरसौल, देवेन्द्र कुमार वर्मा ग्राम घाटमपुर, अमिता सचान ग्राम बिच्छीपुर सहित सैकड़ों किसानों ने प्रशिक्षण का लाभ उठाया और इस नवाचार को अपनाने में रुचि जताई।
 
इस अवसर पर संयुक्त कृषि निदेशक देव शर्मा, उप कृषि निदेशक डॉ. आर. एस. वर्मा, भूमि संरक्षण अधिकारी आर. पी. कुशवाहा, जिला कृषि अधिकारी प्राची पाण्डेय, पूर्व अपर कृषि निदेशक बी. पी. राजपूत, पूर्व संयुक्त कृषि निदेशक उमेश कटियार, सहायक निदेशक मत्स्य सुनील कुमार सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
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