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By : Nishpaksh Pratinidhi | Published Date : 3 Jan 2026 7:46 PM |   429 views

03 से 30 जनवरी 2026 तक प्रयागराज माघ मेला का होगा आयोजन

लखनऊ: संस्कृति विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार के अंतर्गत संस्कृति निदेशालय के अधीन कार्यरत स्वायत्तशासी संस्थाओं द्वारा माघ मेला-2026 के पावन अवसर पर 03 से 30 जनवरी, 2026 तक प्रयागराज में भव्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा एवं आध्यात्मिक चेतना के त्रिवेणी संगम का सजीव प्रतीक होगा।
 
प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि त्रिवेणी संगम की पुण्यभूमि प्रयागराज में आयोजित माघ मेला प्राचीन काल से हीतप, साधना, स्नान, दान एवं सत्संगकी परंपरा का केंद्र रहा है। इसी आध्यात्मिक ऊर्जा से अनुप्राणित होकर आयोजित होने वाली सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ शास्त्रीय, लोक एवं भक्ति परंपराओं के माध्यम से भारतीय जीवन दर्शन और सांस्कृतिक मूल्यों को सशक्त अभिव्यक्ति प्रदान करेंगी।
 
उन्होंने बताया कि संस्कृति विभाग उत्तर प्रदेश द्वारा कला एवं साहित्य जगत से जुड़े अतिविशिष्ट एवं ख्यातिलब्ध कलाकारों के चयन एवं मानदेय निर्धारण की प्रक्रिया के अंतर्गत विविध सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
 
इनमें शास्त्रीय संगीत (ध्रुपद, खयाल), वाद्य संगीत (सितार, सरोद, बाँसुरी, पञ्चनाद, वाद्यवृंद), शास्त्रीय नृत्य एवं नृत्य-नाटिका (कथक, ओडिसी), लोकनृत्य (ढेढिया, करमा, मयूर, फरुवाही, अवध लोकनृत्य, फूलों की होली, पाई डण्डा), भजन, कबीर वाणी, सुंदरकांड, शंख वादन, शास्त्रीय / उप-शास्त्रीय गायन, भजन एवं देशभक्ति प्रस्तुतियाँ सम्मिलित होंगी।
 
इस अवसर पर जयवीर सिंह, संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री, उत्तर प्रदेश ने कहा कि “माघ मेला केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारतीय आत्मा की जीवंत अभिव्यक्ति है। संस्कृति निदेशालय द्वारा आयोजित ये सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ हमारी शास्त्रीय एवं लोक परंपराओं को आध्यात्मिक चेतना से जोड़ते हुए जनमानस में संस्कार, समरसता और सांस्कृतिक गौरव का भाव जाग्रत करेंगी। प्रयागराज की पावन भूमि पर कला और अध्यात्म का यह संगम ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ की भावना को और सुदृढ़ करेगा।”
 
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