भारत के प्रथम राष्ट्रपति – डॉ राजेंद्र प्रसाद
बिहार की पावन धरती पर एक ऐसे महामानव का अविर्भाव हुआ जो अपनी कुशाग्र बुद्धि ,ज्ञान , चिंतन प्रतिभा ,सादगी और राजनीतिक सूझ- बूझ का ऐसा मिसाल था , जो
बिहार की पावन धरती पर एक ऐसे महामानव का अविर्भाव हुआ जो अपनी कुशाग्र बुद्धि ,ज्ञान , चिंतन प्रतिभा ,सादगी और राजनीतिक सूझ- बूझ का ऐसा मिसाल था , जो
उत्तर प्रदेश का देवरिया जनपद आर्थिक रूप से पिछड़ा जरुर रहा है , किन्तु साहित्य और राजनीति के क्षेत्र में देवरिया सतत अविस्मर्णीय रहेगा | देवरिया के दक्षिणांचल में
भारत में नारी उत्थान के प्रबल समर्थक व सामाजिक क्रान्ति के अग्रदूत ईश्वरचंद्र विद्यासागर का जन्म 26 सितम्बर 1820 को पश्चिम बंगाल के मेदिनीपुर के ग्राम वीरसिंह में हुआ था।
तमिलनाडु के मिट्टी मे उपजा एक ऐसा कच्चा हीरा , जिसे विपरीत परिस्थितियो और प्रकृति ने इतना तराशा की पूरा विश्व या यूँ कहें कि धरती से लेकर आसमान तक
राम नरेश जी का जन्म देवरिया जिले के लार उपनगर के कोइरी टोला निवासी बेनी माधव के घर 1929 मे पैदा हुए |उनकी प्राथमिक शिक्षा गाँव से ही प्राप्त कर
राम नरेश जी का जन्म देवरिया जिले के लार उपनगर के कोइरी टोला निवासी बेनी माधव के घर 1929 मे पैदा हुए |उनकी प्राथमिक शिक्षा गाँव से ही प्राप्त कर