धान की रोपाई करते समय रखे सावधनियाँ
खरीफ फसलों में धान की खेती का प्रथम स्थान है| (जुलाई) का महीना धान की खेती के लिए सबसे महत्वपूर्ण समय होता है। इस दौरान 21-25 दिन की स्वस्थ पौध रोपाई के लिए उपयुक्त होती है।प्रसार्ड ट्रस्ट मल्हनी भाटपार रानी देवरिया के निदेशक प्रो.रवि प्रकाश मौर्य ने बताया कि खेत की मेड़ों की साफ- सफाई रखे जिससे कीट नष्ट हो जाये|धान की पौधों की रोपाई कतारों में (20×15 सेमी की दूरी पर) करें और प्रति स्थान 2-3 पौधे ही लगाएं | जिससे पैदावार अच्छा मिल सके। 3-4 सेमी. की गहराई पर रोपाई करें| कल्ले ज्यादा निकलेंगे| प्रतिवर्ग मीटर 50 हिल होना चाहिए| मध्यम और देर से पकने वाली किस्मों की रोपाई जुलाई के पहले पखवाड़े तक पूरी कर लें।
अगेती किस्मों अथवा जल्दी पकने वाली किस्मों की रोपाई जुलाई के दूसरे पखवाड़े (15 जुलाई के बाद 30 जुलाई तक) तक की जा सकती है। सुगंधित किस्मों (बासमती आदि ) की रोपाई जुलाई के अंतिम सप्ताह तक की जा सकती है।
रोपाई से पहले खेत को अच्छी तरह से समतल (लेवल) कर लें। मेड़बंदी मजबूत रखें ताकि बारिश का पानी खेत में रुका रहे।उर्वरक मिट्टी परीक्षण के आधार पर ही डालें।खरपतवार का उचित प्रबंधन करें,
रोपाई के बाद खेत में लगभग 5 सेमी (2 इंच) तक पानी भरा रहने दें।बारिश अधिक होने की स्थिति में खेत में जल निकासी की उचित व्यवस्था बनाए रखें।
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