जिलाधिकारी ने अमर शहीद जवान आशुतोष मिश्र को दी श्रद्धाजंलि
देवरिया- राष्ट्र सेवा के पथ पर राजस्थान के सूरतगढ़ में युद्धाभ्यास के दौरान शहीद हुए भारतीय सेना के अमर बलिदानी आशुतोष मिश्र के पैतृक गांव मईलौटा पहुंचकर जिलाधिकारी दिव्या मित्तल
देवरिया- राष्ट्र सेवा के पथ पर राजस्थान के सूरतगढ़ में युद्धाभ्यास के दौरान शहीद हुए भारतीय सेना के अमर बलिदानी आशुतोष मिश्र के पैतृक गांव मईलौटा पहुंचकर जिलाधिकारी दिव्या मित्तल
देवरिया- जिला प्रशासन द्वारा आयोजित शैक्षिक भ्रमण के तहत 152 दिव्यांग बच्चों और 53 विशेष शिक्षकों को कुशीनगर की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों का अवलोकन कराया गया। यह आयोजन बच्चों
गोण्डा-जिले के इमामबाड़ा मोहल्ले में स्थित ऐतिहासिक और पवित्र बड़ी संगत मंदिर को जिलाधिकारी (डीएम) नेहा शर्मा ने बुधवार को सख्त कदम उठाते हुए अतिक्रमण मुक्त कराया। यह मंदिर
देवरिया- मुख्य विकास अधिकारी प्रत्यूष पाण्डेय ने बताया है कि संस्कृति विभाग, उत्तर प्रदेश द्वारा प्रसिद्ध गायिका मल्लिका-ए-गजल बेगम अख्तर की स्मृति में दादरा, ठुमरी और गजल गायन में उत्कृष्ट
कुशीनगर -सहायक आयुक्त (खाद्य)-II प्रदीप कुमार राय के निर्देशन तथा मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी योगेश कुमार राय के नेतृत्व में संचालित एफ.एस.डब्लू. फूड सेफ्टी ऑन व्हील (सचल खाद्य प्रयोगशाला) द्वारा
देवरिया- देवरिया डिपो के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक मो. इरफान ने जानकारी दी है कि देवरिया डिपो में संविदा चालक के पद पर भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया 18 दिसंबर से
गोण्डा -‘‘शहीदों की चिताओं पर लगेगें हर बरस मेले, वतन पर मरने वालों का यही बाकी निशां होगा’’ के संकल्प के साथ स्वतंत्रता संग्राम के अमर नायक शहीद राजेन्द्र नाथ
कुशीनगर के विकास खण्ड तमकुहीराज स्थित रामलीला मैदान में आज चार दिवसीय विराट किसान मेला/प्रदर्शनी का चौथे एवं अन्तिम दिवस का आयोजन किया गया | इस मौके पर विधायक
गोण्डा-लाल बहादुर शास्त्री महाविद्यालय में आयोजित प्रतिभा सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उपराज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने नई शिक्षा नीति के रूप
सुल्तानपुर -सारस पक्षी को प्रेम व समर्पण का प्रतीक माना जाता है । उ०प्र० के इस राजकीय पक्षी को मुख्यतः गंगा के मैदानी भागों और भारत के उत्तरी एवं उत्तर
सुल्तानपुर -सारस पक्षी को प्रेम व समर्पण का प्रतीक माना जाता है । उ०प्र० के इस राजकीय पक्षी को मुख्यतः गंगा के मैदानी भागों और भारत के उत्तरी एवं उत्तर