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By : Nishpaksh Pratinidhi | Published Date : 18 Dec 2024 5:51 PM |   527 views

जिलाधिकारी ने ऐतिहासिक बड़ी संगत मंदिर को अवैध कब्जे से कराया मुक्त,200 वर्ष से अधिक पुराने मंदिर के परिसर में दबंगों ने किया था कब्जा

गोण्डा-जिले के इमामबाड़ा मोहल्ले में स्थित ऐतिहासिक और पवित्र बड़ी संगत मंदिर को जिलाधिकारी (डीएम) नेहा शर्मा ने बुधवार को सख्त कदम उठाते हुए अतिक्रमण मुक्त कराया।
 
यह मंदिर 200 वर्षों से अधिक पुराना है और हनुमान जी को समर्पित है। मंदिर गोण्डा शहर के इमामबाड़ा इलाके में स्थित है। इसके परिसर और मुख्य द्वार के आसपास कुछ स्थानीय दबंगों ने अवैध रूप से टिन शेड लगाकर अपने वाहनों की पार्किंग शुरू कर दी थी। इसके अलावा, यहां कबाड़ और कचरा जमा होने के कारण मंदिर परिसर का वातावरण अत्यधिक खराब हो गया था।
 
अवैध कब्जे और टिन शेड न केवल मंदिर के पवित्र परिसर को नुकसान पहुंचा रहे थे, बल्कि आने-जाने के मार्ग को भी बाधित कर रहे थे। मंदिर के पुजारी और भक्तों ने इस अतिक्रमण और गंदगी की शिकायत जिलाधिकारी से की थी। शिकायत का संज्ञान लेते हुए, डीएम नेहा शर्मा ने इस पूरे मामले पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की।
 
बुधवार को जिला प्रशासन, नगर पालिका की टीम और पुलिस बल की मौजूदगी में कार्यवाही शुरू की गई। डीएम ने स्वयं स्थल पर मौजूद रहकर प्रशासनिक टीम का नेतृत्व किया। जिला प्रशासन और नगर पालिका की संयुक्त टीम ने जेसीबी की मदद से अवैध संरचनाओं को ध्वस्त किया और कब्जा हटवाया। इसके बाद मंदिर परिसर की सफाई कराई गई। यह कार्रवाई करीब एक घंटे तक चली।
 
डीएम का निरीक्षण और निर्देश-
 
निरीक्षण के दौरान, डीएम नेहा शर्मा ने मंदिर परिसर का गहनता से निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि मंदिर की जमीन पर दोबारा कोई अतिक्रमण न हो। डीएम ने चेतावनी दी कि यदि कोई व्यक्ति भविष्य में अवैध कब्जा करने का प्रयास करेगा, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
 
डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मंदिर और उसके आसपास नियमित रूप से सफाई अभियान चलाया जाए। उन्होंने मंदिर की ऐतिहासिक धरोहर को संरक्षित रखने के लिए विशेष उपाय अपनाने के निर्देश भी दिए।
 
इस अभियान में डीएम नेहा शर्मा के साथ नगर मजिस्ट्रेट पंकज कुमार वर्मा, पुलिस क्षेत्राधिकारी सौरभ वर्मा, अधिशासी अधिकारी संजय कुमार मिश्र और नगर कोतवाल संतोष कुमार मिश्र सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। सभी अधिकारियों के समन्वित प्रयासों से अतिक्रमण हटाने का कार्य सुचारू रूप से संपन्न हुआ।
 
स्थानीय निवासियों और श्रद्धालुओं की प्रतिक्रिया-
 
बड़ी संगत मंदिर को अतिक्रमण मुक्त कराने की इस कार्यवाही को लेकर स्थानीय निवासियों और श्रद्धालुओं ने जिला प्रशासन की सराहना की। स्थानीय लोगों ने कहा कि यह मंदिर न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि ऐतिहासिक महत्व भी रखता है। प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई से मंदिर परिसर में साफ-सफाई और पवित्रता बनी रहेगी।
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