आज का मौसम
कृषि मौसम विज्ञान विभाग, आ०न०दे० कृषि एवं प्रौ०वि०वि०, कुमारगंज अयोध्या। दिनांक- 24-09-2023 अधिकतम तापमान (डिग्री से०) : 32.0 (-0.5) न्यूनतम तापमान (डिग्री से०) : 23.0 (-1.5) सापेक्षिक आर्द्रता अधिकतम :
कृषि मौसम विज्ञान विभाग, आ०न०दे० कृषि एवं प्रौ०वि०वि०, कुमारगंज अयोध्या। दिनांक- 24-09-2023 अधिकतम तापमान (डिग्री से०) : 32.0 (-0.5) न्यूनतम तापमान (डिग्री से०) : 23.0 (-1.5) सापेक्षिक आर्द्रता अधिकतम :
देश को नौ नई वंदे भारत ट्रेनों की सौगात मिल गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 24 सितंबर को नौ नई वंदे भारत ट्रेनों को हरी झंडी दिखाई है। इन वंदे
कुशीनगर -राजकीय बौद्ध संग्रहालय, कुशीनगर द्वारा आज आजादी का अमृत महोत्सव के अंतर्गत पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के जयन्ती के पूर्व संध्या पर उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर आधारित छायाचित्र
देवरिया – आज देवरिया स्टेशन पर स्वच्छता पखवाड़ा के अन्तर्गत ” स्वच्छ आहार” के अंतर्गत सभी फूड स्टॉल और रेलवे कैंटीन का निरीक्षण किया गया और फूड स्टॉल पर कार्य
देशी बीज से तात्पर्य उन बीजों से हैँ जिनमे अगली पीढ़ी भी उसी तरह की क्वालिटी वाला उत्पाद प्रदान करने की जनन क्षमता विद्वामान रहे। आजकल चहूँओर पाई जा रही
गोरखपुर -क्षेत्रीय सांस्कृतिक केन्द्र, गोरखपुर, जिला पर्यटन एवं संस्कृति परिषद, गोरखपुर तथां जिला प्रशासन गोरखपुर के संयुक्त तत्वाधान में कजरी महोत्सव-2023, गोरखपुर, सांस्कृतिक कार्यक्रम का कल सायं 5.00 बजे से
कृषि मौसम विज्ञान विभाग, आ०न०दे० कृषि एवं प्रौ०वि०वि०, कुमारगंज अयोध्या। दिनांक- 23-09-2023 अधिकतम तापमान (डिग्री से०) : 29.0 (-3.5) न्यूनतम तापमान (डिग्री से०) : 22.5 (-2.0) सापेक्षिक आर्द्रता अधिकतम :
आज देवरिया स्टेशन पर स्वच्छता पखवाड़ा के अन्तर्गत ” स्वच्छ कार्यालय और स्वच्छ कॉलोनी और परिसर” के अंतर्गत सभी कार्यालयों की सफ़ाई कराया गया और कार्यालय में कार्यरत कर्मचारी को
देवरिया- जिलाधिकारी अखंड प्रताप सिंह की पहल पर दो मूक-बधिर बच्चों के जीवन में बड़ा बदलाव आया है। जन्म से बोलने सुनने में असमर्थ 4 वर्षीय सिद्धांत गुप्ता एवं साढे
किसी भी भाषा की एक परम्परा होती है, उसके पीछे एक विरासत होती है।उसका प्रयोग और व्यवहार ही उसे जीवन्त बनाता है। भोजपुरी भाषा के पीछे एक समृद्ध विरासत है।
किसी भी भाषा की एक परम्परा होती है, उसके पीछे एक विरासत होती है।उसका प्रयोग और व्यवहार ही उसे जीवन्त बनाता है। भोजपुरी भाषा के पीछे एक समृद्ध विरासत है।