एक ऐसा शुगर मिल जो गन्ने के साथ ही किसानों की भी कर रहा पेराई
कुशीनगर:- जिले के रामकोला स्थित त्रिवेणी शुगर मिल गन्ने के साथ ही किसानों की भी पेराई करती है। जिसके मनमानी की वजह से किसानों को परेशानी से हर वर्ष जूझना पड़ता
कुशीनगर:- जिले के रामकोला स्थित त्रिवेणी शुगर मिल गन्ने के साथ ही किसानों की भी पेराई करती है। जिसके मनमानी की वजह से किसानों को परेशानी से हर वर्ष जूझना पड़ता
कुशीनगर -उप जिला निर्वाचन अधिकारी/ अपर जिलाधिकारी (वि0/रा0) वैभव मिश्र ने समस्त जनपदवासियों एवं अधिकारियों को आयकर विभाग महानिदेशक (अन्वेषण), उत्तर प्रदेश के पत्र क्रम के अवगत कराया है कि
बाड़मेर-जैसलमेर :राजस्थान में लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा का कुनबा लगातार मजबूत हो रहा है| शुक्रवार को अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में विदेश मंत्री जसवंत सिंह के पुत्र मानवेंद्र सिंह
कृषि मौसम विज्ञान विभाग, आ०न०दे० कृषि एवं प्रौ०वि०वि०, कुमारगंज अयोध्या। दिनांक- 11-04-2024 अधिकतम तापमान (डिग्री से०) : 39.0 (+2.0) न्यूनतम तापमान (डिग्री से०) : 18.0 (-0.5) सपेक्षिक आर्द्रता अधिकतम :
समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव आगामी लोकसभा चुनाव के लिए विपक्षी दल इंडिया ब्लॉक के संयुक्त अभियान की शुरुआत 12 अप्रैल को उत्तर प्रदेश के पीलीभीत से करेंगे। यूपी
गाजीपुर:- लोकसभा चुनाव 2024 के मद्देनजर बुधवार को भारतीय जनता पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति ने अपने प्रत्याशियों की दसवीं सूची जारी की इसमें भाजपा ने उत्तर प्रदेश के गाजीपुर संसदीय
अजमेर: देशभर में आज ईद उल फितर का जश्न मनाया जा रहा है. ऐसे में विश्व विख्यात ख्वाजा गरीब नवाज की दरगाह शरीफ (Ajmer Sharif Dargah) में भी अकीदतमंदों का
कृषि मौसम विज्ञान विभाग, आ०न०दे० कृषि एवं प्रौ०वि०वि०, कुमारगंज अयोध्या। दिनांक- 10-04-2024 अधिकतम तापमान (डिग्री से०) : 39.5 (+2.8) न्यूनतम तापमान (डिग्री से०) : 18.0 (-0.3) सपेक्षिक आर्द्रता अधिकतम :
दिल्ली हाईकोर्ट ने आप के पूर्व एमएलए संदीप कुमार की तीसरी याचिका को खारिज करते हुए कड़ी फटकार लगाई है। साथ ही कोर्ट ने याचिकाकर्ता पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी
भारत सरकार के नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन के अंतर्गत अनुसंधान और विकास योजना के कार्यान्वयन के लिए दिशानिर्देश जारी किए हैं। अनुसंधान और विकास योजना हरित हाइड्रोजन के उत्पादन, भंडारण, परिवहन और उपयोग को और अधिक किफायती बनाने का प्रयास करती है। इसका उद्देश्य हरित हाइड्रोजन मूल्य श्रृंखला में सम्मिलित प्रासंगिक प्रक्रियाओं और प्रौद्योगिकियों की दक्षता, सुरक्षा और विश्वसनीयता में सुधार करना भी है। इस योजना का उद्देश्य हरित हाइड्रोजन प्रौद्योगिकियों के लिए एक नवाचार इकोसिस्टम स्थापित करने के लिए उद्योग, शिक्षा जगत और सरकार के बीच साझेदारी को प्रोत्साहन प्रदान करना भी है। यह योजना आवश्यक नीति और नियामक सहायता प्रदान करके हरित हाइड्रोजन प्रौद्योगिकियों के विस्तार और व्यावसायीकरण में भी सहायता करेगी। 15 मार्च, 2024 को योजना के दिशानिर्देशों को जारी किया गया था, जिसमें उल्लेख किया गया है कि अनुसंधान और विकास योजना वित्तीय वर्ष 2025-26 तक 400 करोड़ रुपये के कुल बजटीय परिव्यय के साथ लागू की जाएगी। अनुसंधान और विकास कार्यक्रम के समर्थन में हरित हाइड्रोजन मूल्य श्रृंखला के सभी घटक, अर्थात् उत्पादन, भंडारण, संपीड़न, परिवहन और उपयोग सम्मिलित हैं। मिशन के अंतर्गत समर्थित अनुसंधान और विकास परियोजनाएं लक्ष्य-केन्द्रित, समयबद्ध और वृद्धि करने के लिए उपयुक्त होंगी। योजना के अंतर्गत औद्योगिक और संस्थागत अनुसंधान के अलावा,स्वदेशी प्रौद्योगिकी विकास पर काम करने वाले नवीन सूक्ष्म, लघु और माध्यम उद्यम (एमएसएमई) और स्टार्ट-अप को भी प्रोत्साहित किया जाएगा। योजना दिशानिर्देश यहाँ पर क्लिक करके देखे जा सकते हैं। दिशानिर्देशों के जारी होने के बाद, नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने 16
भारत सरकार के नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन के अंतर्गत अनुसंधान और विकास योजना के कार्यान्वयन के लिए दिशानिर्देश जारी किए हैं। अनुसंधान और विकास योजना हरित हाइड्रोजन के उत्पादन, भंडारण, परिवहन और उपयोग को और अधिक किफायती बनाने का प्रयास करती है। इसका उद्देश्य हरित हाइड्रोजन मूल्य श्रृंखला में सम्मिलित प्रासंगिक प्रक्रियाओं और प्रौद्योगिकियों की दक्षता, सुरक्षा और विश्वसनीयता में सुधार करना भी है। इस योजना का उद्देश्य हरित हाइड्रोजन प्रौद्योगिकियों के लिए एक नवाचार इकोसिस्टम स्थापित करने के लिए उद्योग, शिक्षा जगत और सरकार के बीच साझेदारी को प्रोत्साहन प्रदान करना भी है। यह योजना आवश्यक नीति और नियामक सहायता प्रदान करके हरित हाइड्रोजन प्रौद्योगिकियों के विस्तार और व्यावसायीकरण में भी सहायता करेगी। 15 मार्च, 2024 को योजना के दिशानिर्देशों को जारी किया गया था, जिसमें उल्लेख किया गया है कि अनुसंधान और विकास योजना वित्तीय वर्ष 2025-26 तक 400 करोड़ रुपये के कुल बजटीय परिव्यय के साथ लागू की जाएगी। अनुसंधान और विकास कार्यक्रम के समर्थन में हरित हाइड्रोजन मूल्य श्रृंखला के सभी घटक, अर्थात् उत्पादन, भंडारण, संपीड़न, परिवहन और उपयोग सम्मिलित हैं। मिशन के अंतर्गत समर्थित अनुसंधान और विकास परियोजनाएं लक्ष्य-केन्द्रित, समयबद्ध और वृद्धि करने के लिए उपयुक्त होंगी। योजना के अंतर्गत औद्योगिक और संस्थागत अनुसंधान के अलावा,स्वदेशी प्रौद्योगिकी विकास पर काम करने वाले नवीन सूक्ष्म, लघु और माध्यम उद्यम (एमएसएमई) और स्टार्ट-अप को भी प्रोत्साहित किया जाएगा। योजना दिशानिर्देश यहाँ पर क्लिक करके देखे जा सकते हैं। दिशानिर्देशों के जारी होने के बाद, नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने 16