हर क्षेत्र और हर भाषा अपने आप में एक अलग साहित्यिक परंपरा को समेटे हुए है-परिचय दास
सूरत स्थित वीर नर्मद दक्षिण गुजरात विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग में हाल ही में एक महत्त्वपूर्ण व्याख्यान का आयोजन किया गया| जिसमें प्रतिष्ठित निबंधकार, कवि और आलोचक प्रो. रवींद्र नाथ
