Wednesday 22nd of April 2026 04:29:05 PM

Breaking News
  • सुल्तानपुर में पूर्वांचल एक्सप्रेस वे पर 22 और 23 अप्रैल को होगा युद्धाभ्यास|
  • प्रधानमंत्री मोदी को आतंकवादी कहना 140 करोड़ भारतीयों का अपमान ,कांग्रेस पर बरसे पीयूष गोयल |
  • नेताओं के बिस्तर से शुरू होता है 90% महिलाओं का करियर, पप्पू यादव के बिगड़े बोल- महिला आयोग ने भेजा नोटिस |
Facebook Comments
By : Nishpaksh Pratinidhi | Published Date : 4 Dec 2024 5:37 PM |   622 views

” मेरे प्रभु “

प्रभु , तेरी ये कैसी रीति है 
कैसा तेरा है न्याय ,
कि सीधे सच्चे लोग को ही
 सहना पड़े अन्याय ।
 
 झूठे की आंख में शर्म नहीं
 पर ,सच की आंख लजाय
  झूठ का चोला पहन के इंसा
  सच को रहा भरमाय ।
 
 झूठे शान से बोलता 
 नभ में झंडा लहराय
 पर ,सच की ही गर्दन देखो
 शर्म से नीचे झुक जाय ।
 
प्रभु, ये कैसी तेरी लीला है
कैसा तेरा है न्याय 
कि, झूठों के जैसा ही तुम भी
 सच को ही गिराते खाय (खाई) ।
 
मैंने सीखा सच बोलना
और सीखा करना न्याय
इसीलिए दुःख भोगती
 और सहती सदा अन्याय ।
 
प्रभु, तेरी बताई राह पे ही
सदा धरुं मैं पांव 
फिर भी मैं ही दुःखी रहूं
और कांटे चुभे मेरे पांव ।
 
तुमने ही तो सिखलाया
हरदम दूं सच का साथ
फिर तुम क्यों मझधार में
 ना पकड़ा मेरा हाथ ।
 
संजुला सिंह  ” संजू “
जमशेदपुर (झारखंड )
Facebook Comments