Wednesday 22nd of July 2026 12:35:46 AM

Breaking News
  • कांग्रेस का धरना ख़त्म ,हिरासत में राहुल गाँधी ,प्रियंका और अखिलेश |
  • दिल्ली प्रोटेस्ट में घायल बच्चों की मदद के लिए केजरीवाल का बड़ा ऐलान -मेडिकल और लीगल हेल्प का वादा |
  • मध्यप्रदेश विधानसभा में पारित किया समान नागरिक संहिता विधेयक |
Facebook Comments
By : Divya Chaubey | Published Date : 24 Aug 2021 4:45 PM |   653 views

खत लिखते है तुझे

तुम जो आए जीवन में
तेवर मेरे बदल गए
जो दुनिया की भीड़ में
कभी खोयी रहती, मै
उससे बाहर निकल के
खत लिखते हैं तुझे
हां ये जमाना है
मोबाइल, फोन और
मेंसेजेस का मगर
मुझे यह ज्यादा पसंद
नहीं आता तेरे ख्याल को
हम ऐसे समेटते है
जब भी याद तेरी
आ जाए तो ना
खुश होया जाए
ना ही हमसे रोया
जाए, अश्को को अपने
पन्नो पर बिखेरते है
हाय, ये मोहब्बत भी
हुई मुझे किससे जो
दो पल ना रुकता
है किसे के रोके
मेरी तरफ जो एक
बार भी ना देखें
मेरा दिल भी कमाल
कर दिया जिसे कल
तक दूरी रखता था
आज देखो उसी के
इश्क़ में ऐसे ढूबा की
सारा जहां भूल गया
हां कभी कभी यह
एहसास होता है दिल
मेरा गलती कर बैठा
जहाँ आकर संभलना था
वही आकर ये ना
जाने क्यूँ पिसल गया
इस दिल को तो
मैं रोक नहीं पायी
तू बन गया अब
मेरी परछाई तेरी
मुझे अब लत सी
है लग गयी तेरी
Facebook Comments