‘विकसित भारत’ की संकल्पना को विद्यार्थियों ने रंगों और कल्पनाओं से दिया जीवंत रूप
देवरिया,-शासन के निर्देशों के क्रम में जिलाधिकारी मधुसूदन हुलगी एवं मुख्य विकास अधिकारी राजेश कुमार सिंह के निर्देशन तथा जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. राम जियावन मौर्य के नेतृत्व में आज सेवा संकल्प सुशासन अभियान के अंतर्गत जनपद स्तरीय चित्रकला प्रतियोगिता का भव्य आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में जनपद के विभिन्न विकास खंडों से चयनित छात्र-छात्राओं ने उत्साह, उमंग एवं रचनात्मकता के साथ प्रतिभाग करते हुए अपनी कलात्मक प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया।विद्यालय स्तर से जनपद स्तर तक पहुंची प्रतिभाओं ने दिखाई कला
सेवा संकल्प सुशासन अभियान के अंतर्गत चित्रकला प्रतियोगिता की शुरुआत 21 सितंबर 2026 को विद्यालय स्तर से की गई थी। विद्यालय स्तर पर आयोजित प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं का चयन किया गया। इसके उपरांत 30 सितंबर 2026 को विकासखंड स्तर पर चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यालय स्तर पर चयनित प्रतिभागियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
विकासखंड स्तर पर प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं को जनपद स्तरीय प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने का अवसर मिला। इस प्रकार विद्यालय स्तर से शुरू हुई प्रतियोगिता की यात्रा जनपद स्तर तक पहुंची, जिसमें विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मकता, कल्पनाशीलता और कलात्मक कौशल का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
जिला पंचायत अध्यक्ष ने किया प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन-
जनपद स्तरीय प्रतियोगिता में मुख्य अतिथि के रूप में पंडित गिरीश चंद्र तिवारी, जिला पंचायत अध्यक्ष/प्रशासक उपस्थित रहे। उन्होंने प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने वाले छात्र-छात्राओं की कलाकृतियों का अवलोकन किया तथा उनके उत्साह एवं रचनात्मक प्रतिभा की सराहना की। मुख्य अतिथि द्वारा प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रशस्ति पत्र/प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित एवं उत्साहित किया गया।उन्होंने विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा को निरंतर निखारने तथा शिक्षा के साथ-साथ रचनात्मक एवं सह-पाठ्यचर्या गतिविधियों में बढ़-चढ़कर प्रतिभाग करने के लिए प्रेरित किया।
‘विकसित भारत’ की परिकल्पना को चित्रों में किया साकार-
जनपद स्तरीय चित्रकला प्रतियोगिता का विषय ‘विकसित भारत’ रखा गया। विद्यार्थियों ने अपनी कल्पनाशक्ति एवं रचनात्मक सोच के माध्यम से विकसित भारत की विभिन्न तस्वीरों को कागज पर रंगों के माध्यम से जीवंत किया।
किसी विद्यार्थी ने आधुनिक एवं तकनीकी रूप से सशक्त भारत को चित्रित किया तो किसी ने स्वच्छ, सुंदर एवं हरित भारत की तस्वीर प्रस्तुत की। अनेक चित्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, महिला सशक्तीकरण, डिजिटल भारत, आत्मनिर्भर भारत, विज्ञान एवं तकनीकी विकास, कृषि उन्नयन, जल संरक्षण तथा राष्ट्र निर्माण जैसे विषयों को प्रमुखता से उकेरा गया।
विद्यार्थियों की कलाकृतियों में केवल रंगों का संयोजन ही नहीं, बल्कि भारत के उज्ज्वल भविष्य के प्रति उनकी सोच और आकांक्षाएं भी स्पष्ट रूप से दिखाई दीं। बच्चों ने अपने चित्रों के माध्यम से यह संदेश दिया कि विकसित भारत का निर्माण शिक्षा, स्वच्छता, तकनीकी प्रगति, पर्यावरण संरक्षण, आत्मनिर्भरता और सामाजिक सहभागिता के माध्यम से ही संभव है।
90 प्रतिभागियों ने किया अपनी कला का प्रदर्शन-
जनपद स्तरीय प्रतियोगिता में जनपद के समस्त विकास खंडों से विद्यालय एवं विकासखंड स्तर पर प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले कुल 51 छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया। इसके अतिरिक्त जनपद के सभी 13 कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों से चयनित कुल 39 छात्राओं ने भी प्रतियोगिता में प्रतिभाग किया।
इस प्रकार कुल 90 प्रतिभागियों ने जनपद स्तरीय चित्रकला प्रतियोगिता में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों से आई छात्राओं ने भी पूरे उत्साह और आत्मविश्वास के साथ ‘विकसित भारत’ की संकल्पना पर आधारित आकर्षक चित्र तैयार किए।
जनपद स्तरीय प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने अपनी कलाकृतियों के माध्यम से उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। निर्णायक मंडल द्वारा विभिन्न निर्धारित मानकों पर मूल्यांकन के उपरांत परिणाम घोषित किए गए।
प्रथम स्थान — आयुष शर्मा, कक्षा 7, उच्च प्राथमिक विद्यालय खिरसर, विकासखंड भलुअनी।
द्वितीय स्थान — कुमारी परी गोंड, कक्षा 8, संविलियन विद्यालय बनसिया, विकासखंड गौरी बाजार।
तृतीय स्थान — कुमारी शिवानी, कक्षा 8, पीएम श्री विद्यालय अवरा चौरी, विकासखंड बैतालपुर तथा कुमारी अर्पिता प्रजापति, प्राथमिक विद्यालय नकड़ीहा, विकासखंड भलुअनी।
उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को मुख्य अतिथि द्वारा प्रशस्ति पत्र/प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। सभी प्रतिभागियों के प्रयासों की भी सराहना की गई।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. राम जियावन मौर्य ने कहा—
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. राम जियावन मौर्य ने कहा कि “बच्चों की रचनात्मकता उनके व्यक्तित्व विकास और सीखने की क्षमता का महत्वपूर्ण आधार है। चित्रकला जैसी गतिविधियां विद्यार्थियों को अपनी कल्पनाओं, विचारों और भावनाओं को अभिव्यक्त करने का अवसर देती हैं। ‘विकसित भारत’ जैसे विषय पर बच्चों द्वारा बनाई गई कलाकृतियां यह दर्शाती हैं कि हमारे विद्यार्थी देश के भविष्य को लेकर जागरूक और सकारात्मक सोच रखते हैं। विद्यालय स्तर से लेकर जनपद स्तर तक इस प्रतियोगिता का आयोजन इसी उद्देश्य से किया गया कि प्रत्येक बच्चे को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिले। हमारा प्रयास है कि शिक्षा के साथ-साथ विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर भी निरंतर ध्यान दिया जाए।”
उन्होंने सभी प्रतिभागी विद्यार्थियों, शिक्षकों, एआरपी, नोडल अधिकारियों एवं आयोजन से जुड़े सभी कार्मिकों को सफल आयोजन के लिए बधाई दी।
देव मुनि वर्मा ने कहा—
खंड शिक्षा अधिकारी देवरिया सदर एवं नोडल अधिकारी देव मुनि वर्मा ने कहा कि “सेवा संकल्प सुशासन अभियान के अंतर्गत आयोजित चित्रकला प्रतियोगिता विद्यार्थियों की प्रतिभा को पहचानने और उसे उचित मंच प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। विद्यालय स्तर से लेकर ब्लॉक और फिर जनपद स्तर तक बच्चों को प्रतियोगिता का अवसर मिलने से उनमें स्वस्थ प्रतिस्पर्धा, आत्मविश्वास और रचनात्मक सोच का विकास होता है। ‘विकसित भारत’ की संकल्पना पर बच्चों ने जिस प्रकार अपने विचारों को चित्रों के माध्यम से प्रस्तुत किया है, वह अत्यंत सराहनीय है। इन चित्रों में बच्चों का भविष्य के भारत के प्रति विश्वास और उनके सपनों की झलक दिखाई देती है।”
उन्होंने प्रतियोगिता को सफल बनाने में सहयोग करने वाले सभी नोडल एआरपी, शिक्षकों एवं संबंधित कार्मिकों के प्रति आभार व्यक्त किया।
नोडल एआरपी एवं शिक्षकों ने निभाई महत्वपूर्ण भूमिका-
प्रतियोगिता के सफल आयोजन में विभिन्न विकास खंडों से आए नोडल एआरपी एवं शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनके द्वारा प्रतिभागी विद्यार्थियों को प्रतियोगिता के विषय को समझने, अपनी कल्पनाओं को व्यवस्थित रूप से चित्र के रूप में प्रस्तुत करने तथा आवश्यक सामग्री के उपयोग में सहयोग एवं मार्गदर्शन प्रदान किया गया।
खंड शिक्षा अधिकारी भलुअनी तथा खंड शिक्षा अधिकारी देवरिया सदर देव मुनि वर्मा ने नोडल अधिकारी के रूप में प्रतियोगिता की व्यवस्थाओं, समन्वय एवं अनुश्रवण में सक्रिय भूमिका निभाई। सभी विकास खंडों से आए शिक्षक एवं एआरपी पूरे समय विद्यार्थियों के उत्साहवर्धन और आवश्यक सहयोग में जुटे रहे।
प्रतियोगिता में विद्यार्थियों द्वारा तैयार की गई कलाकृतियों का मूल्यांकन जनपद स्तर पर गठित निर्णायक मंडल द्वारा किया गया। निर्णायक मंडल ने विषय की प्रासंगिकता, मौलिकता, रचनात्मकता, कलात्मक अभिव्यक्ति, रंग संयोजन, प्रस्तुतीकरण तथा चित्र के माध्यम से दिए गए संदेश सहित विभिन्न निर्धारित मानकों को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक कलाकृति का बारीकी से अवलोकन किया।
निर्णायक मंडल का नेतृत्व वशिष्ठ नारायण चौहान, एआरपी देवरिया सदर द्वारा किया गया। निर्णायक मंडल द्वारा निष्पक्ष एवं निर्धारित मानकों के आधार पर मूल्यांकन करते हुए उत्कृष्ट कलाकृतियों का चयन किया गया।
प्रतियोगिता स्थल पर दिखा उत्साह और उमंग-
प्रतियोगिता स्थल पर विद्यार्थियों में विशेष उत्साह देखने को मिला। विद्यार्थी पूरे मनोयोग से अपनी कलाकृतियां तैयार करते नजर आए। उनके बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का वातावरण रहा। उपस्थित अधिकारियों, शिक्षकों एवं अन्य लोगों ने बच्चों की कलाकृतियों का अवलोकन किया और उनकी रचनात्मक प्रतिभा की सराहना की।
सीमित समय एवं निर्धारित संसाधनों में विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए चित्रों में उनकी मौलिक सोच, कल्पनाशीलता एवं कलात्मक कौशल स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। अनेक चित्रों ने उपस्थित लोगों का विशेष ध्यान आकर्षित किया।
कार्यक्रम में संजय कुमार सिंह, जिला व्यायाम शिक्षक संजय कुमार तिवारी, ब्लॉक व्यायाम शिक्षक देवरिया सदर, आलोक पांडे,अभिषेक दीक्षित,स्तुति पांडे,धर्मेंद्र, सुजाता तिवारी,नीलम सिंह,वंदना सिंह, नसीब अली, मनीष मौर्य ,अनिल मणि एवं जय प्रकाश यादव सहित संबंधित अधिकारी, शिक्षक, एआरपी एवं अन्य कार्मिक उपस्थित रहे।
Facebook Comments

