एफपीओ को व्यवसायिक रूप से मजबूत बनाकर बढ़ाएं किसानों की आय – डॉ. मंधाता
कृषि विज्ञान केंद्र, मल्हना, देवरिया में कृषि विभाग के तत्वावधान में एफपीओ के लिए व्यवसाय योजना तैयार करने विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जिले के 24 एफपीओ के निदेशकों ने प्रतिभाग किया। प्रशिक्षण में व्यवसाय योजना, सामूहिक विपणन, वित्तीय प्रबंधन एवं बाजार से जुड़ाव पर जानकारी दी गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए केंद्र के अध्यक्ष डॉ. मंधाता सिंह ने कहा कि एफपीओ को केवल किसानों को संगठित करने तक सीमित न रखते हुए व्यवसायिक एवं लाभकारी संस्था के रूप में विकसित करना आवश्यक है। इसके लिए स्पष्ट व्यवसाय योजना, बाजार की मांग एवं आय-व्यय का आकलन जरूरी है।
उप कृषि निदेशक, देवरिया सुभाष मौर्य ने कहा कि एफपीओ सामूहिक खरीद एवं उपज के बेहतर विपणन के माध्यम से किसानों को लाभ दिलाने का प्रभावी माध्यम हैं।
नाबार्ड के डीडीएम सूरज शुक्ला ने बैंक योग्य व्यवसाय योजना, कार्यशील पूंजी एवं वित्तीय पारदर्शिता पर जोर दिया। एलडीएम देवरिया रोपक प्रेम ने व्यवस्थित लेखा-जोखा, बैंकिंग सुविधाओं एवं वित्तीय अनुशासन अपनाने की सलाह दी।
कृषि विज्ञान केंद्र के सस्य विज्ञान विशेषज्ञ डॉ. कमलेश मीना ने बाजार की मांग के अनुरूप उत्पादन एवं सामूहिक इनपुट खरीद पर जोर दिया।
गृह विज्ञान विशेषज्ञ जय कुमार ने प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन एवं पैकेजिंग को आय बढ़ाने का माध्यम बताया।
पशु जैव प्रौद्योगिकी विशेषज्ञ डॉ. अंकुर शर्मा ने पशुपालन एवं संबद्ध गतिविधियों को एफपीओ से जोड़ने की सलाह दी।
प्रगतिशील किसान कृष्ण मोहन पाठक ने कहा कि एफपीओ के माध्यम से किसानों की उपज का सामूहिक विपणन कर बेहतर बाजार एवं उचित मूल्य प्राप्त किया जा सकता है। प्रशिक्षण में व्यवसाय मॉडल, लागत-लाभ, कार्यशील पूंजी, वित्तीय प्रबंधन एवं बाजार से जुड़ाव पर चर्चा की गई।
