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By : Nishpaksh Pratinidhi | Published Date : 12 Aug 2026 7:14 PM |   109 views

मूल्य संवर्धन एवं सामूहिक उद्यमिता से बढ़ेंगे आय के अवसर – डॉ. मंधाता

भाटपाररानी – कृषि विज्ञान केंद्र मल्हना, महुआबारी, देवरिया के सभागार में अंकित अनुसूचित समाज सेवा कल्याण समिति के तत्वावधान में कृषि उत्पादों के मूल्य संवर्धन एवं आय सृजन विषय पर दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए केंद्र के अध्यक्ष डॉ. मंधाता सिंह ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में उपलब्ध कृषि संसाधनों का बेहतर उपयोग कर परिवारों की आय बढ़ाने की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं को कौशल विकास, मूल्य संवर्धन एवं सामूहिक उद्यमिता से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है। उन्होंने प्रतिभागियों को स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से स्थानीय कृषि उत्पादों के प्रसंस्करण एवं विपणन को छोटे उद्यम के रूप में विकसित करने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सस्य विज्ञान विशेषज्ञ डॉ. कमलेश मीना ने कहा कि किसानों को केवल उत्पादन तक सीमित न रहकर कृषि उपज के उचित प्रबंधन, सामूहिक विपणन एवं बाजार की मांग के अनुरूप उत्पादन पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने बताया कैसे मोटे अनाज पोषण की दृष्टि से महत्वपूर्ण होने के साथ-साथ इनके प्रसंस्करण एवं मूल्य संवर्धन से किसानों को अतिरिक्त आय के अवसर मिल सकते हैं।

केंद्र के गृह विज्ञान विशेषज्ञ जय कुमार ने कृषि एवं खाद्य उत्पादों के मूल्य संवर्धन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि कच्चे उत्पादों की अपेक्षा उनका प्रसंस्करण, पैकेजिंग एवं उचित विपणन करने से अधिक आय प्राप्त की जा सकती है। उन्होंने बताया कि फल, सब्जी, अनाज एवं अन्य स्थानीय उत्पादों से अचार, पापड़, बड़ी, मसाले एवं अन्य खाद्य पदार्थ तैयार कर समूह के माध्यम से व्यवसाय के रूप में विकसित किया जा सकता है।

केंद्र के पशु जैव प्रौद्योगिकी विशेषज्ञ डॉ. अंकुर शर्मा ने पोषण एवं पशुपालन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि दूध एवं दुग्ध उत्पाद ग्रामीण परिवारों की पोषण सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने प्रतिभागियों को वैज्ञानिक पशुपालन अपनाकर परिवार के पोषण में सुधार के साथ-साथ पशुपालन को आय सृजन का माध्यम बनाने के लिए प्रेरित किया।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में कुल 45 कृषकों ने प्रतिभाग किया।

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