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By : Nishpaksh Pratinidhi | Published Date : 13 Feb 2026 7:44 PM |   235 views

अभ्युदय योजना की भर्ती प्रक्रिया में बड़ी कार्यवाही… संयुक्त निदेशक निलंबित

लखनऊ:मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के अंतर्गत कोर्स कोऑर्डिनेटर पदों की चयन प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं पाए जाने पर समाज कल्याण विभाग के संयुक्त निदेशक सुनील कुमार बिसेन को निलंबित कर दिया गया है। प्रथम दृष्टया लापरवाही पाए जाने पर आगे विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। निलंबन अवधि में निदेशालय से संबद्ध रहेंगे और उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा।
 
विभागीय मंत्री को मिली थी शिकायत-
चयन प्रक्रिया में गड़बड़ी की एक गोपनीय शिकायत समाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री असीम अरुण को मिली थी। जिसके आधार पर जांच हुई, जिसमें संयुक्त निदेशक श्री बिसेन दोषी पाए गए। विभागीय मंत्री ने कहा कि किसी भी भ्रष्टाचारी को बख्शा नहीं जाएगा। भविष्य में भी इसी तरह आगे बढ़ कर कार्यवाही की जाएगी।
 
ये मिलीं अनियमितताएं-
1- अभ्यर्थियों के प्रमाण-पत्रों का मूल अभिलेखों से ठीक तरीके से सत्यापन नहीं हुआ।
 2- इंटरव्यू और चयन से जुड़े जरूरी दस्तावेज विभागीय पत्रावली में उपलब्ध नहीं थे।
3- चयन प्रक्रिया की निगरानी के लिए गठित समितियों द्वारा साक्षात्कार व सत्यापन कराए जाने का कोई रिकॉर्ड नहीं मिला।
4- संदिग्ध दस्तावेजों के आधार पर चयन की संस्तुति की गई, जिससे योजना की पारदर्शिता प्रभावित हुई।
 
शिकायत से खुला मामला-
29 अक्टूबर 2025 को मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के तहत प्रदेश भर में संचालित कोचिंग में आउटसोर्सिंग पर लगे कोचिंग कोर्स कोऑर्डिनेटरों की भर्ती में अनियमितता की शिकायत मिली थी। जांच में यह सामने आया कि नियमानुसार कोर्स कोऑर्डिनेटर पद के लिए यूपी पीसीएस मुख्य परीक्षा पास होना अनिवार्य था। इसके बावजूद कई ऐसे अभ्यर्थियों को नियुक्त कर दिया गया, जिन्होंने यह परीक्षा उत्तीर्ण नहीं की थी। कुल 69 अभ्यर्थियों की जांच में केवल 21 अभ्यर्थी ही पात्र पाए गए।
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