Tuesday 21st of July 2026 09:56:13 PM

Breaking News
  • कांग्रेस का धरना ख़त्म ,हिरासत में राहुल गाँधी ,प्रियंका और अखिलेश |
  • दिल्ली प्रोटेस्ट में घायल बच्चों की मदद के लिए केजरीवाल का बड़ा ऐलान -मेडिकल और लीगल हेल्प का वादा |
  • मध्यप्रदेश विधानसभा में पारित किया समान नागरिक संहिता विधेयक |
Facebook Comments
By : Nishpaksh Pratinidhi | Published Date : 7 Feb 2026 6:56 PM |   252 views

शिव की सभी धाराओं का संगम उज्जैन है-प्रो0 राजवन्त राव

गोरखपुर -राजकीय बौद्ध संग्रहालय, गोरखपुर में ’’प्राचीन भारतीय अभिलेख एवं मुद्राएं-अभिरूचि कार्यशाला’’ राष्ट्रीय व्याख्यान श्रृंखला के अन्तर्गत आज डॉ0 विनोद कुमार, प्राचीन इतिहास संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग, दी0द0उ0गो0 वि0वि0, गोरखपुर द्वारा ’’मुद्राओं पर शैव धर्म’’ विषय पर विस्तृत सूचना प्रतिभागियों को उपलब्ध करायी गयी।
 
डॉ0 विनोद कुमार द्वारा प्रारम्भ से द्वितीय शताब्दी ई0 तक की मुद्राओं पर शिव का अंकन किस-किस रूप में हुआ है कि सूचनाएं उपलब्ध करायी गयी। उन्होंने सिंन्धु सभ्यता की यौगिक देवता मुहर एवं पशुपति स्वरूप अंकित मुहर को भी प्रतिभागियों के समक्ष प्रस्तुत किया। उज्जैन की मुद्राओं पर शिव के महाकाल स्वरूप का अंकन प्राथमिकता के साथ हुआ है। उज्जैन की मुद्राओं पर विशेष प्रकार का एक चिन्ह अंकित मिलता है, जिसे उज्जैयिनी चिन्ह कहा जाता है।
 
प्रो0 राजवन्त राव द्वारा शिव के विभिन्न स्वरूपों की भारतीय इतिहास में समाहित सूचनाओं से सभी प्रतिभागियों को अवगत कराया गया। उन्होंने बताया जहॉं तक मुद्राओं का प्रश्न है उनमें मुद्रा प्रचलन के प्रारम्भिक काल से लेकर राजपूतकाल तक शिव को उमा एवं नन्दी सहित अंकित किया गया। हुविष्क की मुद्राओं पर शैव परिवार का अंकन प्राथमिकता के साथ मिलता है।
 
कार्यशाला संयोजक के रूप में डॉ0 यशवन्त सिंह राठौर द्वारा अवगत कराया गया है कि मुद्रा संग्रह का संग्रहालयों में प्रबन्धन विशेष प्रकार से किया जाता है। उसमें वर्तमान में विभिन्न आधुनिक तकनीकि का उपयोग हो रहा है। उत्तर प्रदेश में मुद्रा संग्रह के दृष्टिकोण से राज्य संग्रहालय, लखनऊ सबसे प्राचीनतम संग्रहालय है। इसकी स्थापना 1863 ई0 में एक प्रान्तीय संग्रहालय के रूप में लखनऊ में हुई थी, जिसे 1950 ई0 में राज्य संग्रहालय का नाम दिया गया। डॉ0 राठौर ने अवगत कराया कि सभी प्रतिभागियों को दिनांक 08.02.2026 को गोरखपुर संग्रहालय की वीथिकाओं का शैक्षिक भ्रमण भी कराया जाएगा। 
  
अंत में प्रो0 राम प्यारे मिश्र द्वारा पुरातत्व एवं अभिलेखों पर प्रकाश डालते हुए सभी को धन्यवाद ज्ञापित किया गया। 
 
कार्यशाला के पंचम् व्याख्यान दिवस में लगभग 77 प्रतिभागियों सहित कार्यालय के कार्मिक भी उपस्थित रहें।  
Facebook Comments