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By : Nishpaksh Pratinidhi | Published Date : 13 Jan 2026 7:34 PM |   246 views

प्रयागराज के संगम तट पर बसाई गई आधुनिक टेंट कॉलोनी, श्रद्धालुओं को मिलेगा आध्यात्मिक पर्यटन का नया अनुभव

लखनऊ: मकर संक्रांति सहित अन्य प्रमुख स्नान पर्व पर आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए संगम तट पर आधुनिक सुविधाओं से युक्त टेंट सिटी बसाई गई है। संगम की पुण्य धारा में डुबकी लगाने देश-दुनिया से श्रद्धालुओं का निरंतर आगमन हो रहा है। इसी क्रम में आगंतुकों को सुरक्षित और यादगार अनुभव प्रदान करने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम (यूपीएसटीडीसी) द्वारा संगम तट की रेत पर आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित टेंट कॉलोनी बसाई गई है, जो कल्पवासियों और पर्यटकों के लिए आस्था के साथ-साथ आकर्षण का नया केंद्र बनकर उभरी है। यह जानकारी उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने दी।
 
उन्होंने बताया कि प्रयागराज के अरैल सेक्टर-7 में त्रिवेणी पुष्प से पहले विकसित टेंट कॉलोनी में कुल 50 अत्याधुनिक कॉटेज बनाए गए हैं, जिनकी ऑनलाइन बुकिंग यूपीएसटीडीसी की वेबसाइट के माध्यम से की जा सकती है। टेंट कॉलोनी को तीन श्रेणियों में बांटा गया है, जिसमें 15 हजार रुपए किराए वाला प्रीमियम, 11 हजार 500 रुपए का लग्जरी और 7 हजार 500 रुपए का डीलक्स कॉटेज शामिल है। यहां कुल 12 प्रीमियम, 8 लग्जरी और 30 डीलक्स टेंट बने हैं। जिनमें ठहरने वाले श्रद्धालुओं के लिए उसी शुल्क में सात्विक भोजन की समुचित व्यवस्था की गई है। टेंट कॉलोनी परिसर में यज्ञशालाएं बनाई गई हैं, जहां लगातार भजन-कीर्तन हो रहा है। सांस्कृतिक रंग देने के लिए कलाग्राम भी विकसित किया गया है, जहां स्थानीय शिल्प और लोककला को बढ़ावा दिया जा रहा है।
 
पर्यटन मंत्री ने बताया कि माघ मेले में रोजगार और नवाचार को विशेष बढ़ावा मिला है, जहां संगम टेंट कॉलोनी में एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) प्रदर्शनी के जरिए प्रयागराज की पारंपरिक मूंज कला के भी स्टॉल लगे हैं। यहां के कारीगरों को रोजगार के अवसर मिल रहे हैं।
 
माघ मेला 2026 न केवल आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पहचान को मजबूत कर रहा है, बल्कि उद्यमियों और हस्तशिल्पियों के लिए व्यापार का बड़ा मंच भी बन गया है, जहां देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु मूंज से बने डलिया, पेन स्टैंड, रोटी रखने के बर्तन, गमले और सजावटी सामान जैसे उत्पाद पसंद कर रहे हैं। नैनी क्षेत्र के महेवा इलाके की यह पारंपरिक कला, जिसे चांद जैसी कारीगर वर्षों से आगे बढ़ा रही हैं, अब आधुनिक रूप में सामने आकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहना पा रही है।
 
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के विजन के अनुरूप माघ मेला केवल आस्था का आयोजन नहीं, बल्कि पर्यटन, रोजगार और स्थानीय कला को बढ़ावा देने का एक सशक्त माध्यम बन रहा है। यूपीएसटीडीसी द्वारा विकसित संगम टेंट कॉलोनी इसका बेहतरीन उदाहरण है, जहां श्रद्धालुओं को आधुनिक सुविधाओं के साथ भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक वातावरण का अनुभव मिल रहा है।
 
उन्होंने कहा कि एक जिला एक उत्पाद के तहत मूंज कला जैसे पारंपरिक शिल्प को मंच देकर स्थानीय कारीगरों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए गए हैं। योगी जी की सोच है कि प्रदेश का हर आयोजन रोजगार, नवाचार और संस्कृति से जुड़े, और माघ मेला 2026 इसी सोच को जमीन पर उतारता हुआ दिखाई दे रहा है।
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